नसीराबाद थाना क्षेत्र में बदमाशों ने शनिवार रात सनसनीखेज वारदात को अंजाम देकर जुड़ानी मजरे संडहा गांव में दहशत फैला दी। घर में घुस कर महिला के जेवरात लूट लिए, दुकानदार पति ने विरोध किया तो चाकू मार कर हत्या कर दी।
शोरगुल पर जेवरात लेकर फरार हो गए। पुलिस इस घटना को दबाने में जुट गई है। जुड़ानी मजरे संडहा गांव निवासी अयोध्या यादव (50) अपनी पत्नी अवतारा देवी के साथ रहता था। उसका बेटा गयापाल अपने परिवार के साथ दूसरे मकान में रहता है।
अयोध्या गांव में ही किराना की दुकान करता था। ग्रामीणों के मुताबिक देर रात तीन-चार बदमाशों ने उसके घर पर हमला बोल दिया। उस वक्त पति-पत्नी घर के बरामदे में सो रहे थे। बदमाशों ने पत्नी की सोने की जंजीर, टॉप्स समेत अन्य जेवरात उतार लिए।
पत्नी के शोर मचाने पर अयोध्या की नींद खुल गई। उसने विरोध किया तो बदमाशों ने उसके सिर पर चाकू से हमला कर दिया। इससे वह लहूलुहान होकर गिर पड़ा। अवतारा की चीख पुकार पर पहुंचे ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी और घायल को नसीराबाद सीएचसी पहुंचाया।
जहां उसकी हालत गंभीर देख डॉक्टर ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जहां इलाज के दौरान दुकानदार की मौत हो गई। पति की मौत के बाद अवतारा जहां रो-रोकर बेसुध हो गई है। वहीं अन्य परिवारीजनों में भी दहशत का माहौल है।
बेटा सिर्फ यह कह रहा है कि जब तक वह पिता के घर पहुंचा, हमलावर जा चुके थे। वहीं ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस ने लूट की वारदात को मारपीट बनाने के लिए काल्पनिक घटना तो तैयार कर ली, लेकिन इसकी वजह न नहीं बता पा रही है।
यदि मारपीट में दुकानदार की जान गई तो हमला करने वाले कौन थे। पुलिस को उनका पता लगाना चाहिए था, लेकिन पुलिस ने न तो जांच करना उचित समझा और न ही शव का पोस्टमार्टम कराया।
सीओ सलोन अवधेश कुमार का कहना है कि लूट की घटना नहीं हुई है। देर रात 100 नंबर मारपीट की सूचना मिली थी। इस पर पुलिस मौके पर गई थी। छानबीन में पता चला कि अयोध्या की किसी से मारपीट हुई थी।
मारपीट में ही में वह धक्का लगने से चारपाई के ऊपर गिर पड़ा। इससे उसके सिर पर चोट लग गई। घायलावस्था में उसे सीएचसी पहुंचाया गया, जहां से जिला अस्पताल रेफर किया गया था, लेकिन जान बच नहीं सकी। यदि परिवारीजनों की तरफ से तहरीर मिलती है तो केस दर्ज करके जांच की जाएगी।