पुराने वाहनों में सीएनजी किट लगवाकर उसे चलाने का सपना संजोने वालों को जोर का झटका लगा है। अब परिवहन विभाग पेट्रोल टैंक के साथ ही सीएनजी किट लगाने वाले पंद्रह साल पुराने वाहनों को मान्यता नहीं देेगी। जिन गाड़ियों में पहले किट लग चुकी है, उन पर भी कार्रवाई होगी। हादसों को रोकने के लिए जरूरत पड़ने पर ऐसे वाहनों का पंजीकरण निरस्त भी किया जा सकता है।
जिले में गैर जनपद व दूसरे प्रदेश से बहुत से लोग चार पहिया वाहन सस्ते दाम पर खरीदकर लाए हैं। इन वाहनों में बिना परिवहन विभाग की संस्तुति के ही सीएनजी किट लगवा कर लोग सड़कों पर फर्राटा भर रहे हैं। जिले में काफी लोगों ने बाहर से खरीदी व पुरानी गाड़ियों को पांच साल तक उम्र बढ़ाने के लिए सीएनजी किट लगवा ली है। भले ही गाड़ी से पेट्रोल टैंक हटाकर सीएनजी को एआरटीओ से आरसी पर नहीं चढ़वाया। पेट्रोल टैंक भी वाहनों में लगे हैं।
ऐसे में उनकी गाड़ी ड्यूअल फ्यूल ऑप्शन से चल रही है। जो परिवहन नियमों के तहत गलत है। एआरटीओ सुशील मिश्रा ने बताया कि अभी जनपद के पंजीकृत वाहन स्वामी सीएनजी किट के लिए आवेदन नहीं कर रहे हैं। पंद्रह साल पुराने वाहनों की फिटनेस दुरुस्त होने पर ही सीएनजी फिट कराने की अनुमति मिलेगी। यदि चेकिंग में ऐसे वाहनों को पकड़ा गया तो उनका पंजीयन भी निरस्त किया जाएगा।
वैसे दूसरे जनपद व प्रदेश से पंद्रह साल पुरानी कार लोग खरीदकर लाएं हैं और उसमें सीएनजी किट के साथ ही पेट्रोल टैंक भी लगवा रखा है। जरूरत पड़ने पर सीएनजी किट और पेट्रोल का प्रयोग करते हैं। ऐसे वाहनों की जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। इस तरह के वाहनों से हादसों की अधिक संभावना रहती है। दुर्घटनाओं को रोकने के लिए हरसंभव कदम उठाएंगे।
मुंबई व दिल्ली के वाहनों की संख्या अधिक
मुंबई व दिल्ली के पुराने वाहन बड़ी संख्या में जनपद की सड़कों पर फर्राटा भर रहे हैं। भंगवा चुंगी के करीब सीएनजी पंप संचालित है। जहां बड़ी संख्या में दिल्ली, मुंबई के साथ ही दूसरे जनपदों के वाहनों में सीएनजी लेने के लिए कतार देखने को मिलती है।