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मरीजों में डेंगू और मलेरिया के लक्षण, जांच में नहीं हो रही पुष्टि

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मेडिकल कॉलेज के प्रताप बहादुर चिकित्सालय के साथ ही निजी अस्पतालों में आने वाले मरीजों में मलेरिया, डेंगू और दिमागी बुखार जैसे लक्षण जरूर दिख रहे हैं, मगर जांच में पुष्टि नहीं हो रही है। तीन माह में एक हजार से अधिक लोगों का स्वास्थ्य कर्मियों ने जांच किया। जांच में महज चार संक्रमित तो दो डेंगू पॉजिटिव व दो दिमागी बुखार के मरीज सामने आए हैं।
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मेडिकल कॉलेज के प्रताप बहादुर चिकित्सालय के साथ ही रेफर सेंटरों के फिजीशियन की ओपीडी में जून से लेकर अब तक एक हजार से अधिक रोगी ऐसे पहुंचे, जिनमें मलेरिया, डेंगू और दिमागी बुखार जैसे लक्षण थे। डॉक्टरों ने मेडिकल कॉलेज में मलेरिया लक्षण की जांच कराई। अधिकांश जांच रिपोर्ट निगेटिव आई। इसके बाद मेडिकल कॉलेज प्रयागराज भेजकर डेंगू और दिमागी बुखार की जांच कराई गई।
इनमें महज चार मलेरिया तो 2-2 डेंगू और दो दिमागी बुखार के संक्रमित मरीज मिले। डेंगू संक्रमित मरीजों का इलाज प्रयागराज में चल रहा है तो एक दिमागी बुखार से पीड़ित मरीज स्वस्थ्य होकर घर भेज दिया गया है। दूसरे का इलाज पीजीआई लखनऊ में चल रहा है। मलेरिया रोगी भी स्वस्थ्य हो गए हैं।
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इस बार फागिंग कराना भूल गया स्वास्थ्य महकमा
डेंगू के साथ दिमागी बुखार के भले ही दो-दो मरीज चुके हैं मगर अभी भी स्वास्थ्य महकमा लापरवाही बरत रहा है। मच्छरों से मुक्ति दिलाने के लिए फागिंग कराना उचित नहीं समझ रहा है। यह मान रहा है कि दो डेंगू और दो दिमागी बुखार के साथ चार फाइलेरिया रोगियों से जिले की हालात बिगड़ने वाले नहीं हैं। मगर इससे लोगों को खुद सचेत होने की जरूरत है।
डेंगू और मलेरिया पर नियंत्रण के लिए संचारी रोग नियंत्रण माह चलाया गया है। टीमें घर-घर जाकर लोगों को मच्छर जनित रोगों से बचने के टिप्स दे रही हैं। एंटी लार्वा का छिड़काव कराया गया है। फॉगिंग भी कराई जा रही है। अच्छा काम हो रहा है, जिसका नतीजा यह है कि इस बार महज चार ही मलेरिया तो दो डेंगू और दो ही दिमागी बुखार के रोगी सामने आए हैं। राजेश गुप्ता, जिला मलेरिया अधिकारी।
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