कोर्ट ने अर्थदंड की राशि पीड़िता को उसके मानसिक एवं चिकित्सकीय आघात की पूर्ति एवं पुनर्वास के लिए देने के निर्देश दिए हैं। वादी मुकदमा के अनुसार, 6 जुलाई 2018 को रात करीब दस बजे रात उसकी नाबालिग बेटी को आरोपी बहला-फुसलाकर भगा ले गया था।
विशेष न्यायाधीश पॉक्सो अधिनियम पंकज कुमार श्रीवास्तव ने नाबालिग के अपहरण के मामले में कंधई इलाके सचिन को दोषी पाते हुए सात वर्ष के कारावास व 30 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
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कोर्ट ने अर्थदंड की राशि पीड़िता को उसके मानसिक एवं चिकित्सकीय आघात की पूर्ति एवं पुनर्वास के लिए देने के निर्देश दिए हैं। वादी मुकदमा के अनुसार, 6 जुलाई 2018 को रात करीब दस बजे रात उसकी नाबालिग बेटी को आरोपी बहला-फुसलाकर भगा ले गया था।
वादी ने बेटी की तलाश रिश्तेदारों के घर की, लेकिन कुछ पता नहीं चला। आसपास के लोगों की चर्चा के आधार पर मामले की जानकारी हुई। कोर्ट में विवेचक की ओर से आरोपी सचिन के खिलाफ आरोप-पत्र प्रेषित किया गया। इस मामले में कोर्ट में राज्य की ओर से पैरवी विशेष लोक अभियोजक प्रदीप कुमार पांडेय ने की।