दहिलामऊ चांदमारी में बने आवासों तक पहुंचा सई नदी के बाढ़ का पानी। संवाद
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तीन दिनों तक लगातार हुई बारिश के बाद उफनाई जिले की नदियां का वेग सोमवार को स्थिर रहा। बीते 24 घंटे में जलस्तर में बढ़ोत्तरी नहीं दर्ज की गई। इससे सई, बकुलाही, लोनी, सकरनी, चमरौधा व परैया नदियों के तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों ने राहत की सांस ली। हालांकि जिन गांवों में जलस्तर बढ़ने से जलभराव हुआ है, वहां लोग सोमवार को भी आवागमन को लेकर जद्दोजहद करते दिखे। अभी भी जलभराव से कई गांवों का संपर्क टूट हुआ है।
तीन दिन तक लगातार बारिश के बाद जिले की नदियां उफना गई थीं। शहर से गुजरी सई नदी कर जलस्तर लगातार बढ़ रहा था। बेल्हा देवी धाम की सभी सीढ़ियां पूरी तरह डूब गईं थी। बेल्हा देवी घाट के आसपास के मोहल्लों व शहर के तटीय इलाके लबालब हो गए थे। जिस वजह से लोग अपना घर छोड़कर सुरक्षित स्थान की ओर निकल गए थे। मगर सोमवार को नदियों के तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों ने राहत की सांस ली।
दरअसल, सोमवार को जिले की नदियों का जलस्तर स्थिर रहा। इससे शहर के तटीय इलाकों की हालत सामान्य रही। लोगों में अफरातफरी की स्थिति नहीं देखने को मिली। मगर जो मोहल्ले जलभराव से प्रभावित थे, वहां लोगों को आवागमन में काफी जद्दोजहद करते देखा गया। वहीं शहर के करौंदी इलाके में सोमवार को भी लोग घरों में कैद रहे।