कोरोना टीकाकरण के महाअभियान में वैक्सीन कम पड़ गई। जिस वजह से दर्जनों बूथों पर टीका लगवाने आए लोगों ने जमकर हंगामा किया। स्वास्थ्य कर्मचारियों को हालात काबू में करने के लिए पुलिस बुलानी पड़ी। हंगामा करने वालों को पुलिसकर्मियों ने किसी तरह समझाबुझाकर शांत कराया।
कोरोना टीकाकरण का महाअभियान स्वास्थ्य विभाग ने सोमवार को चलाया। महाअभियान में महज 38769 लोगों को टीका लगाया गया, जबकि 50 हजार से अधिक लोग टीका लगवाने के लिए बूथों पर पहुंचे थे। स्वास्थ्य विभाग की ओर से 44 बूथ ही बनाए गए थे। ऐसे में टीका लगवाने पहुंचे लोगों को जब वैक्सीन खत्म होने की खबर मिली तो वह हंगामा करने लगे। पीएचसी मानधाता, सीएचसी गौरा, संडवा चंद्रिका, अमरगढ़, ढकवा, बेलखरनाथ, कोहड़ौर पर निर्धारित समय से टीकाकरण की शुरुआत हुई। अपेक्षा से अधिक भीड़ जुटने के कारण स्वास्थ्यकर्मियों ने लोगों को कतार में खड़ा कर बारी-बारी से टीका लगाना शुरू किया।
पीएचसी मानधाता में कुछ लोग पहले टीका लगवाने की होड़ में कमरे के अंदर घुस गए। इसे लेकर कतार में खड़े लोग हंगामा करने लगे। वहीं, अमरगढ़ में कतार में खड़े लोगों को जब यह पता चला कि वैक्सीन खत्म हो गई है तो वहां भी हंगामा शुरू हो गया। पीएचसी ढकवा में निर्धारित समय पर टीकाकरण नहीं शुरू होने को लेकर लोगों ने जमकर नारेबाजी की। स्वास्थ्यकर्मियों की सूचना पर पहुंचे पुलिसकर्मियों ने लोगों को समझाकर भीड़ को शांत कराया।
नहीं मिली वैक्सीन, निराश लौटे लोग
सोमवार को आयोजित मेगा टीकाकरण अभियान के लिए स्वास्थ्य विभाग ने कैंप का आयोजन तो कर लिया लेकिन वैक्सीन मांग के अनुसार नहीं मिल पाई। रोटरी क्लब प्रतापगढ़ सेंट्रल और बच्चा बैंक फ्रेंड्स ग्रुप, बीबीएफजी के प्रयास से ओल्ड रीवर डेल पब्लिक स्कूल प्रांगण में आयोजित कैंप पर भी वैक्सीन की कमी रही। जहां पर सौ के ऊपर डिमांड थी।
वहां पर मात्र 60 लोगों को ही वैक्सीन लगाई जा सकी। संस्थापक राजेश कुमार ने बताया कि उनके कैंप पर भीड़ थी। उन्होंने समन्वयक को फोन करके और वैक्सीन की मांग तो उन्होंने देने से हाथ खड़े कर दिये। काफी संख्या में लोगों को बिना टीका लगवाये निराश लौटना पड़ा। कैंप में प्रबंधक इमरान खान, असरफ, खालिद, नारायण बाजपेयी का सक्रिय योगदान रहा।