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दोषियों को मिले सजा-ए-मौत

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अमर उजाला संवाद में मौजूद अधिवक्तागण। संवाद - फोटो : PILIBHIT
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पीलीभीत। छात्रा की दुष्कर्म के बाद हत्या बेशक जघन्य अपराध है। दोषियों को सजा-ए-मौत ही मिलनी चाहिए लेकिन जल्दबाजी में किसी निर्दोष को न फंसाया जाए न खुलासे के लिए कुबूलनामा लिखवा जाए। यह बात महिला अधिवक्ताओं ने कही। उन्होंने कहा कि पुलिस दबाव मे कई बार फर्जी खुलासे करती है। ऐसा इस केस में न होने पाए। शासन और प्रशासन को इसी बात पर सबसे ज्यादा ध्यान देना होगा। महिला अधिवक्ताओं ने यह भी कहा कि अगर कोई निर्दोष फंसता है और दोषी छूट जाता है तो अपराध आगे भी होंगे और दोषी को सजा मिलती है तो इस तरह की मानसिकता रखने वालों को सबक मिलेगा। आगे अपराध घटेंगे। युवा अधिवक्ताओं ने कहा-जब अभी मुजरिम नहीं पकड़े गए तो कैसे सजा मिलेगी और कैसे बेटी को इंसाफ मिलेगा। अमर उजाला संवाद में सबसे वरिष्ठ अधिवक्ता प्रभा अवस्थी ने कहा कि अपराधी को सजा दिलाने के लिए किसी को भी ठोक दो वाली बात सही नहीं है। न्यायिक प्रक्रिया को अपनाया जाए। क्योंकि भारत की न्यायिक प्रक्रिया बेहद अच्छी है। इसमें निर्दोष को बचाने और दोषी को ही सजा देने पर जोर दिया गया है। वरिष्ठ अधिवक्ता विनीता सक्सेना ने कहा कि यह घटना निर्भया कांड से कम नहीं है। अगर महानगर में घटना हुई होती तो अब तक बवाल खड़ा हो जाता। पुलिस प्रशासन निष्पक्ष जनता की आवाज को समझते हुए सही खुलासा करे। अधिवक्ता चित्रा, कविता सक्सेना, अंजू जौहरी, ईसा कश्यप, शिवानी सक्सेना ने दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा देने के लिए वैज्ञानिक तरीके से जांच करने पर जोर दिया।
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महिला अधिवक्ताओं ने उठाया सवाल
हम सब कैंडल लेकर निकलते हैं। दो चार दिन आक्रोश फिर सब शांत, जब मुजरिम ही नहीं पकड़े गए तो उन्हें सजा क्या होगी, कैसे इंसाफ मिलेगा। - असिया फात्मा, सह सचिव, बार एसोसिएशन
ऐसे मामलों में कई बार तो पीड़ित परिवारों पर ही इतना दबाव बना दिया जाता है कि वह कैसे पैरवी कर पाएंगे कैसे बिटिया को इंसाफ दिलवा पाएंगे। पुलिस निष्पक्ष जांच करे और दोषियों को सजा दे। - शहाना
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जहां वारदात हुई उस गांव के रास्ते में शराबियों ने अड्डे बना रखे थे। उन्हें कभी पुलिस ने रोका न कभी टोका। नतीजा इतनी बड़ी घटना हो गई। पुलिस अगर पहले से ध्यान दे बड़ी वारदातें क्यों होंगी। - अनु वर्मा
छोटी मोटी छेड़छाड़ आदि की शिकायतें नजरअंदाज की जाती है, यही वजह है कि बाद में बड़ी वारदातें हो जाती हैं। पुलिस को महिला से जुड़ी र शिकायत की तह तक जाना चाहिए। पुलिस की ढील एक बड़ा कारण है। - पल्लवी राय सक्सेना
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