पीलीभीत की लकड़ी मंडी में लगी आग
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पीलीभीत लकड़ी मंडी में मंगलवार को रात दो बजे शार्ट सर्किट से आग लगने पर लकड़ी की तीन टालें जल गईं। मुन्ने, शरीफ और शमीउल्ला की टाल में लकड़ी जलने से करीब एक करोड़ रुपये क्षति हुई है।
शहर के मोहल्ला मदीनाशाह निवासी शमीउल्ला की टाल घन्नई ताल के पास स्थित लकड़ी मंडी में है। रात करीब दो बजे शार्ट सर्किट से चिंगारी निकली और टाल में आग लग गई। कुछ ही देर में आग ने विकराल रूप लेते हुए दो और टालों को चपेट में ले लिया। सूचना पर पहुंचीं दमकल टीमों ने कड़ी मशक्कत के बाद चार घंटे में बमुश्किल आग पर काबू पाया। तब तक करीब एक करोड़ की लकड़ी जल चुकी थी। आग लगने से अफरातफरी भरा माहौल रहा।
गश्ती पुलिस ने सबसे पहले देखा
लकड़ी मंडी में रात दो बजे कोतवाली पुलिस गश्त कर रही थी। इसी दौरान कार के चालक राजीव कुमार ने टाल में आग देख गाड़ी रोक दी। चौकीदार समेत आस पास के लोगों को उठाया। शमीउल्ला, मुन्ने और शरीफ की टालों में आग लपटें उठ रहीं थीं। पुलिस ने दमकल को सूचना दी। टाल स्वामियों को उनके घरों से बुलाया।
मेरे टाल में जल गई 25 लाख रुपये की लकड़ी- मुन्ने
मुन्ने की टाल में 20-25 लाख रुपये की लकड़ी जल गई। सूचना पर पहुंची दमकल की गाड़ियों ने चार घंटे में आग पर काबू पाया। मुन्ने का कहना है कि दमकल सूचना देने के करीब पौन घंटे बाद आई। इसके बाद बीसलपुर, पूरनपुर, नवाबगंज से दमकल मंगाई गई। आग पर काबू पाते पाते छह बज गए थे। अगर जिले में दमकल की सुविधाएं बेहतर होतीं तो क्षति को कम किया जा सकता था।