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एक ऐसी तहसील जहां रोडवेज की सिर्फ एक बस सेवा, डग्गामार वाहनो पर निर्भर हैं लोग

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कलीनगर तहसील क्षेत्र के लोग जान जोखिम में डाल सफर करने को हैं मजबूर। संवाद - फोटो : PILIBHIT
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कलीनगर। जिला मुख्यालय आने-जाने के लिए कलीनगर तहसील क्षेत्र से एक ही रोडवेज बस सेवा है। पूरे 24 घंटे में सिर्फ एक रोडवेज बस यहां से गुजरती है जो पीलीभीत से दिल्ली के लिए है। यही बस पीलीभीत से पूरनपुर और माधोटांडा होते हुए गभियासराय दिन में साढ़े छह बजे पहुंचती है जो वापस कलीनगर होते हुए पीलीभीत से दिल्ली के लिए रवाना होती है जबकि जिला मुख्यालय के लिए हर एक घंटे में एक बस होनी चाहिए, ताकि लोगों का सफर आसान हो सके।
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तहसील कलीनगर क्षेत्र की ढाई लाख आबादी है और 170 गांव हैं। इन गांवों की जनता रोडवेज की बसों की सुविधाओं से दूर है। अधिकांश कार्य बिना जिला मुख्यालय जाए पूरे नहीं होते हैं। शिक्षण कार्य के चलते छात्रों को तो रोजाना ही मुख्यालय जाना पड़ता है। ऐसे रोडवेज की सुविधा न होने से डग्गामार और निजी वाहनों के सहारे लोग सफर करने को मजबूर हैं। इससे धन और समय का अपव्यय होता है। त्योहारों पर तो अधिक समस्या होती है। जनप्रतिनिधियों और जिम्मेदारों ने लोगों के इस दर्द को अभी तक नहीं समझा है। इसका खामियाजा जनता भुगत रही है। अतिरिक्त खर्च के साथ वाहन चालकों की मनमानी भी झेलनी पड़ती है।
परिवहन सुविधा न होने से शिक्षा के स्तर में आ रही गिरावट
तहसील क्षेत्र के गांवों से जिला मुख्यालय जाने के लिए रोडवेज की परिवहन सुविधा नहीं है। इससे आमजन को समस्या हो रही है, लेकिन महिलाएं और छात्राएं इससे ज्यादा प्रभावित हैं। निजी व डग्गामार वाहनों पर नियम से हटकर अधिक सवारियां बैठाई जाती हैं। लड़कियों को असुरक्षा महसूस होती है। इसके चलते मुख्यालय स्तर से शिक्षा प्राप्त करने वाली छात्राओं और उनके अभिभावकों का मन पढ़ाई से हट रहा है।
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बोले लोग- परिवहन सुविधा न होने से झेल रहे मनमानी
परिवहन की सुविधा न होने से समय की बर्बादी होती है। मनचाहा किराया वसूलने के बाद भी सुविधा नहीं मिल पाती है। निजी व डग्गामार वाहन चालक मना करने के बाद भी अतिरिक्त सवारियां बैठा लेते हैं।
- जावेद सिद्दीकी, अध्यक्ष व्यापार मंडल, कलीनगर
जिला मुख्यालय जाने के लिए परिवहन की सुविधा होना बहुत जरूरी है। अधिकांश कार्य जिला मुख्यालय जाकर ही पूरे होते हैं। बहन बेटियां भी शिक्षण कार्य के लिए मुख्यालय पर आती जाती हैं।
- रंजीत सिंह, छात्र, माधोटांडा
लंबे समय से इस क्षेत्र में रोडवेज की परिवहन व्यवस्था चालू नहीं हो सकी। कई बार जनप्रतिनिधियों और अफसरों के समक्ष भी मांग रखी गई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो सकी। निजी वाहन वालों की मनमानी जारी है।
- जाहिद नूर सिद्दीकी, कलीनगर
माधोटांडा पीलीभीत मार्ग पर फिलहाल रोडवेज सेवा चालू नहीं है। सवारी कम मिलने के चलते बसों का संचालन नियमित रूप से नहीं हो पाता है। पूर्व में माधोटांडा से दिल्ली के लिए एक बस सेवा शुरू की गई थी, लेकिन सवारी के अभाव में वह भी बंद हो गई।
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वीके गंगवार, एआरएम, पीलीभीत
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