बीसलपुर। जवाहर नवोदय विद्यालय के कक्षा 11 के छात्र लखीमपुर के थाना मोहम्मदी के गांव पूरबी लखपेड़ा निवासी 16 वर्षीय आशीष वर्मा ने 15 फरवरी को दोपहर छात्रावास में रस्सी के फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली थी। एसपी दिनेश कुमार पी ने मौका मुआयना किया था। पुलिस और विभागीय जांच में 24 घंटे बाद आत्महत्या की वजह नहीं सामने आई है।
मामला संज्ञान में आने पर जवाहर नवोदय विद्यालय समिति लखनऊ के सहायक आयुक्त जनार्दन उपाध्याय ने मामले की जांच करने के लिए जवाहर नवोदय विद्यालय शाहजहांपुर के प्रधानाचार्य जीपी मिश्रा और जवाहर नवोदय विद्यालय लखीमपुर के प्रधानाचार्य एके शुक्ला को अधिकृत कर दिया था। दोनों प्रधानाचार्यों ने मंगलवार की शाम को ही विद्यालय आकर मामले की जांच शुरू कर दी थी। सहायक आयुक्त भी मंगलवार को देर शाम विद्यालय पहुंच गए थे। उन्होंने भी स्टाफ के लोगों और विद्यार्थियों से पूरे मामले की जानकारी की। जांच समिति ने बुधवार को सुबह जांच रिपोर्ट सहायक आयुक्त को सौंप दी।
सहायक आयुक्त से जब पूछा गया तो उन्होंने कहा कि अब तक की छानबीन में ऐसा कोई तथ्य उनके संज्ञान में नहीं आया जिससे यह कहा जा सके कि छात्र ने इस वजह से आत्महत्या की थी। न ही यह पता चला कि किसी बात को लेकर उसका विद्यालय में किसी से विवाद हुआ। सहायक आयुक्त ने बताया कि विद्यालय बहुत अच्छे ढंग से चल रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि मंगलवार को आते ही डीएम पुलकित खरे से शव का पोस्टमार्टम रात में ही कराने को कहा था, जिस पर डीएम ने आदेश भी कर दिया था। लेकिन रात में वीडियो ग्राफी की समस्या होने के कारण पोस्टमार्टम रात में नहीं हो पाया। बुधवार को दोपहर पोस्टमार्टम हुआ। इसके बाद शव परिजन को सौंप दिया गया। परिजन ने गांव में शाम को गमगीन माहौल में शव का अंतिम संस्कार कर दिया। विद्यालय स्टाफ के भी कुछ लोग उसमें शामिल हुए।
डीएम पुलकित खरे ने छात्र आत्महत्या प्रकरण की पूरी रिपोर्ट प्रधानाचार्य मीनाक्षी गुप्ता से मांगी है। प्रधानाचार्य ने डीएम को विस्तृत रिपोर्ट भेज दी है।
इनसेट
आरोप : छिपाई जा रही खुदकुशी की वजह
मेरे भतीजे द्वारा आत्महत्या करने का कोई घरेलू कारण नहीं है। कोई विद्यालय संबंधी ही कारण होगा, जिसे विद्यालय प्रशासन छिपा रहा है। उनका भतीजा तीन फरवरी को विद्यालय गया था। विद्यालय वालों ने 13 फरवरी को बिना किसी कारण के आशीष का फोन जमा कर लिया था, जिसके कारण तीन दिन से परिजन की आशीष से बात नहीं हो पाई थी। आत्महत्या की जानकारी आशीष के सहपाठियों को भी होगी। मगर ऐसा प्रतीत हो रहा है कि बच्चों को सख्ती से चुप रहने के लिए कहा गया है, इसलिए सहपाठी कुछ बोल नहीं रहे हैं।
सुशील वर्मा, मृतक के चाचा