पीलीभीत। जवाहर नवोदय विद्यालय में कक्षा 11 के छात्र आशीष वर्मा की आत्महत्या की गुत्थी में पुलिस उलझी हुई है। विद्यालय स्टाफ और परिवार के लोग भी वजह स्पष्ट नहीं कर पा रहे हैं। इधर 12 फरवरी को आशीष को वार्डन ने मोबाइल से बात करते हुए देख लिया था। उसी दिन वार्डन ने मोबाइल जब्त कर लिया। इसके चार दिन बाद आशीष ने आत्महत्या कर ली। इसकी वजह कहीं मोबाइल जमा करना तो नहीं है। इस पर सवाल है।
बुधवार को पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे आशीष के पिता संजय वर्मा से आत्महत्या करने की वजह पूछी गई, तो उन्होंने बताया कि वह पढ़ाई में काफी अच्छा था। पढ़ाई को लेकर हमेशा आगे रहता था। तीन फरवरी को वह विद्यालय आने के लिए खुद तैयार हो गया था। कभी कोई दिक्कत भी नहीं बताई। उन्होंने बताया कि शनिवार को उससे बात भी हुई। तब भी किसी परेशानी के बारे में नहीं बताया। शनिवार को ही आशीष को मोबाइल पर बात करते वार्डन ने देख लिया था। प्रतिबंध होने के कारण उसका मोबाइल जमा कर लिया गया था। इसके बाद उससे बात नहीं हुई। मंगलवार को साढ़े 12 बजे उनके बड़े बेटे के मोबाइल पर विद्यालय से आत्महत्या की सूचना दी गई। संवाद
पुलिस ने मोबाइल फोन कब्जे में लिया, खंगाली जाएगी कॉल डिटेल
पुलिस अधीक्षक दिनेश कुमर पी ने बताया कि आशीष का मोबाइल फोन पुलिस के कब्जे में हैं, लेकिन लॉक है। लॉक खुलवाने के लिए विशेषज्ञ टीम की मदद ली जाएगी। लेकिन कॉल डिटेल उसके बिना ही निकल आएगी। पुलिस इस मामले में हर पहलू पर गौर कर रही है। आत्महत्या की कोई व्यक्तिगत वजह थी या फिर किसी से कोई विवाद हुआ था? या फिर होम सिकनेस कारण था। इन तमाम पहलुओं को गौर करके पुलिस की टीम छानबीन कर रही है। संवाद
पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल
आशीष के पिता संजय वर्मा ने बताया कि मंगलवार को उनके मोबाइल पर फोन आया था। किसी कारणवश रिसीव नहीं हो सका। इसके बाद उनके बड़े बेटे रवि के मोबाइल फोन पर घटना की साढ़े 12 बजे सूचना दी गई। सूचना मिलने के बाद साढ़े तीन बजे परिजन के साथ विद्यालय पहुंच गए। वहां देखा तो पुलिस अंदर जांच कर रही थी। स्टाफ का कहना था कि आशीष ने छात्रावास के मुख्य गेट पर ताला लगाकर पीछे के गेट से घुसकर आत्महत्या की। अब सवाल उठता है कि उसने ताला लगाया तो गेट की चाबी आशीष के पास क्यों नहीं मिली। इस संबंध में प्रधानाचार्य मीनाक्षी गुप्ता से संपर्क करने की कोशिश की गई, तो उनका मोबाइल फोन रिसीव नहीं हो सका।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। ताला पुलिस ने नहीं, विद्यालय के स्टाफ ने तोड़ा था। मोबाइल वार्डन ने जमा कराया गया था या नहीं, यह भी पता किया जाना है। मुख्य गेट के ताले की चाबी किसके पास थी, इसकी जांच कराई जाएगी। - प्रशांत सिंह, सीओ बीसलपुर