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तिकुनिया कांड - किसानों की महापंचायत आज

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पूरनपुर में महापंचायत स्थल पर लगाया जा रहा टेंट। संवाद - फोटो : PILIBHIT
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पीलीभीत। तिकुनिया कांड को लेकर पूरनपुर में 14 नवंबर को देश के दिग्गज किसान नेता आ रहे हैं। भाकियू चढ़ूनी के प्रदेश प्रभारी गुरुसेवक सिंह ने बताया कि तीन अक्तूबर को हुए तिकुनिया कांड के मामले में केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र टेनी को अभी तक बर्खास्त नहीं किया गया है। जब तक वह अपने पद पर हैं तब तक निष्पक्ष जांच कैसे हो सकती है। इसलिए उन्हें पद से हटाने के लिए किसान महापंचायत में एकत्र हो रहे हैं। अब आगे का फैसला केंद्र सरकार को लेना है।
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भाकियू चढ़ूनी के अध्यक्ष गुरुनाम सिंह चढ़ूनी ने तिकुनिया कांड में न्याय के लिए किसान महापंचायत का आयोजन किया है। महापंचायत में संयुक्त किसान मोर्चा के घटक संगठनों के राष्ट्रीय अध्यक्ष आ रहे हैं। असम हाईवे के करीब हरसिंहपुर गुरुद्वारे के समीप महापंचायत शुरू होगी। मंच तैयार हो गया है। भाकियू चढ़ूनी के प्रदेश प्रभारी गुरुसेवक सिंह ने बताया कि भाकियू हरपाल के अध्यक्ष चौधरी हरपाल सिंह, संयुक्त किसान मोर्चा के सदस्य और पंजाब के किसान नेता सुरजीत सिंह फूल ने अपना कार्यक्रम भेज दिया है। अन्य किसान नेता भी आ सकते हैं। उन्होंने बताया कि पीलीभीत, लखीमपुर, बरेली के किसानों से संपर्क किया गया है। कई गांवों से किसान आएंगे और अपनी आवाज को बुलंद करेंगे।
उत्तराखंड और यूपी के किसान दिखेंगे एक साथ
किसान महापंचायत में पीलीभीत और पास पड़ोस के जनपदों के साथ-साथ उत्तराखंड के किसान भी आएंगे। किसानों को एकत्र करने की तैयारी में जुटे किसान नेताओं ने यह जानकारी दी है। आयोजकों को 50,000 किसानों के एकत्र होने की उम्मीद है।
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किसानों को जहां रोका जाएगा वहीं पर धरना देने की है तैयारी
अगर किसानों को महापंचायत में आने से रोका गया तो किसान उसी स्थान पर धरना देने बैठ जाएंगे जहां पर रोका जाएगा। प्रशासन और पुलिस के स्थानीय अधिकारियों से वार्ता में यह स्पष्ट किया गया है कि किसान शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज को बुलंद करना चाहते हैं। इसलिए किसानों को रोका और टोका न जाए। अगर किसानों पर दबाव बनाया गया तो तत्काल किसान गांधीवादी तरीके से आंदोलन करेंगे।
अगर पुलिस ने कहीं रोका तो वहीं पर धरना देने बैठ जाएंगे। महापंचायत में किसानों को शांति के साथ आने दें और वापस जाने दें। हमने प्रशासन को अवगत करा दिया है। पीलीभीत और पलिया से आने वाले के लिए अलग पार्किंग व्यवस्था की व्यवस्था की गई है।
- गुरुसेवक सिंह, प्रदेश प्रभारी, भाकियू चढ़नी
किसान महापंचायत पर प्रशासन की निगरानी
किसान महापंचायत पर पुलिस और प्रशासन की निगरानी रहेगी। खुफिया तंत्र भी सक्रिय रहेगा। भाषण की रिकार्डिंग होगी। पल-पल की खबर बड़े अधिकारी लेंगे और शासन तक सूचना जाएगी। इसी हिसाब से तैयारी की गई है। पंचायत के दौरान कहीं जाम न लगे। किसी भी जरूरत के समय पुलिस बल की संख्या कम न पड़ने पाए? इसी मंशा से दूसरे जनपदों का पुलिस बल बुलाया गया है। पीलीभीत से पूरनपुर जाने वाले मार्ग पर बैरियर लगाकर पुलिस की तैनाती की गई है जबकि लखीमपुर से आने वाले मार्ग पर भी पुलिस और पीएसी तैनात रहेगी। दूसरे जनपदों से दो सीओ, 15 थाना प्रभारी, 20 एसआई, 200 कांस्टेबल, 20 महिला सिपाही, 10 ट्रैफिक पुलिस सिपाही, दो कंपनी पीएसी को बुलाया गया है। इसके अलावा मोबाइल वैन, एंबुलेंस, क्रेन आदि का इंतजाम भी है। दूसरे जनपदों का पुलिस बल देर शाम पीलीभीत पहुंच गया।
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