बीसलपुर। पढ़ेंगे, लिखेंगे और आगे बढ़ेंगे। सफलता के शिखर को छुएंगे। वहीं मुख्य वक्ता रेंजर प्रभारी डॉ. दरख्शा अजहर ने कहा कि बेटियां समाज के लिए वरदान हैं।
राजकीय महाविद्यालय में हुए अमर उजाला अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स कार्यक्रम में अंशिका ने कहा कि बेटियों को कम न आंका जाए। हिम्मत और हौसले की बदौलत अपने लक्ष्य को हम छूएंगे। मनु गंगवार ने कहा कि पढ़ना और आगे बढ़ना हमारा अधिकार है। अदीबा खान ने कहा कि एक बेटी की तरक्की से पूरा परिवार बदलता है। इसलिए मैं मेहनत से पढ़कर अपना और अपने परिवार का नाम रोशन करूंगी। मुख्य वक्ता ने कहा कि बेटियों में दमखम होता है, लेकिन वे अपनी शक्ति को पहचान नहीं पाती है। अपनी शक्ति परखते हुए अपनी मर्यादाओं में रहकर प्रयास करें तो कोई भी ऐसा लक्ष्य नहीं है, जो प्राप्त न कर सकें।
एनसीसी आफिसर डॉ. अलका मेहरा ने कहा कि महिलाओं को किसी भी हालत में हिम्मत नहीं हारनी चाहिए। प्राध्यापक डॉ. रजत कुमारी गंगवार ने कहा कि इतिहास गवाह है कि महिलाओं ने समाज में हमेशा अपनी पहचान बनाई है। महिलाएं सभी क्षेत्रों में विजय पताका फहरा चुकी हैं। प्राध्यापक डॉ. चंद्रप्रभा गंगवार ने कहा कि महिलाएं सम्मान की अधिकारी हैं। महिलाओं को हर ऊंचाई छूनी चाहिए। प्राध्यापक डॉ. पूर्णिमा भारद्वाज ने कहा कि महिलाएं चाहें तो अपनी किस्मत खुद बदल सकती हैं। महिलाएं अपना हौसला बनाए रखें। अपने आसपास के लोगों का जागरूक करें। अध्यक्षता कर रहे प्राचार्य डॉ. संजीव श्रीवास्तव ने कहा कि समाज का माहौल बदल रहा है। निर्भीक होकर अपना काम करें। प्राध्यापक डॉ. पवन त्रिवेदी ने कहा कि नारी कुदरत का करिश्मा है। नारी मंगल कलश है, जहां नारी का सम्मान नहीं होता, वहां देवता निवास नहीं करते। प्राध्यापक डॉ. मिथलेश कुमार ने कहा कि महिला सशक्तीकरण के लिए शासन की ओर से भी कई अभियान चलाए जा रहे हैं। महिलाओं अवश्य आगे बढ़ेंगी। संचालन मुकेश सक्सेना ने और आभार प्रदर्शन डॉ. पवन त्रिवेदी ने किया। प्राचार्य ने छात्राओं को जीवन के प्रत्येक मोड़ पर हर हालत में नारी गरिमा बनाए रखने की शपथ दिलाई। शुभारंभ प्राचार्य ने मां सरस्वती के समक्ष दीप जलाकर किया था।
समाज के रावणों का हो खात्मा
अधिकतर महिलाएं अपने हक के लिए खड़ी नहीं होती है और डरी रहती हैं, जो गलत है। महिलाओं को अपने अधिकार के लिए संघर्ष करना चाहिए। समाज के रावणों का भी खात्मा होना चाहिए। -वैष्णवी मौर्य, छात्रा बीएससी द्वितीय वर्ष।
शिक्षित होकर महिलाएं हो सकती हैं सफल
महिलाओं को स्वयं को कमजोर नहीं हो चाहिए। महिलाओं को आगे बढ़ने में शिक्षा अहम भूमिका निभाती है। शिक्षित होकर महिलाएं सफल हो सकती हैं। मनु गंगवार, छात्रा एमए द्वितीय वर्ष।
सुरक्षित समाज है महिला का अधिकार
समाज में महिलाओं को देवी का रूप माना जाएगा। सुरक्षित समाज महिला का अधिकार है। महिलाओं को अपने आगे बढ़ने का रास्ता स्वयं प्रशस्त करना पड़ेगा। रिषिता अग्रवाल, छात्रा बीए द्वितीय वर्ष।
महिलाएं बड़ा उद्देश्य लेकर बढ़ें आगे
हम किसी भी मायने में पुरुषों से कमतर नहीं हेै। हमको बड़ा उद्देश्य रखकर आगे बढना पड़ेगा। महिलाएं न होती तो आज यह दुनिया नहीं होती। -अदीबा खान छात्रा बीएससी प्रथम वर्ष।
बीसलपुर के राजकीय महाविद्यालय के अपराजिता कार्यक्रम में उपस्थित छात्राएं। संवाद- फोटो : PILIBHIT