कलीनगर। सूफी संत सैयद सेल्हा बाबा के पांच दिवसीय उर्स का मंगलवार को कुल शरीफ की रस्म के साथ समापन हो गया। हजारों अकीतमंद दरगाह पर उमड़े। हाजी अरशद अली ने मुल्क की तरक्की और भाईचारे के लिए दुआ कराई। मेला क्षेत्र में हर तरफ भीड़ रही।
बराही रेंज के जंगल से सटे इलाके में स्थित सेल्हा बाबा की दरगाह पर 25 मार्च से पांच दिवसीय उर्स व मेला शुरू हुआ था। मेला क्षेत्र में विभिन्न प्रकार की दुकानें लगाई गईं थीं। इसके साथ ही आने वाले जायरीनों के मनोरंजन आदि के लिए झूले, सर्कस भी लगाया गया था। सभी वर्गों की आस्था का केंद्र होने के चलते जनपद के अलावा दूरदराज इलाकों से जायरीन का हर दिन पहुंचने का सिलसिला चलता रहा। उर्स में जायरीनों के ठहरने के लिए कमेटी की ओर से पंडाल की व्यवस्था की गई थी, लेकिन तादाद से ज्यादा भीड़ बढ़ने के बाद पंडाल छोटा पड़ गया।
अकीतदमंद को जहां जगह मिली वहीं ठहर गए। रात को कव्वाली सुनने के बाद अकीदतमंद दुकानों पर खरीदारी करते रहे। सोमवार को दरगाह पर चादरों का जुलूस के साथ छोटा कुल शरीफ की रस्म आदा की गई थी। मंगलवार को बड़ा कुल के चलते सुबह से ही दरगाह के निकट पंडाल में अकीदतमंदों का हुजूम उमड़ने लगा था। सुबह करीब दस बजे कुल की रस्म शुरू की गई। कुल के बाद प्रसाद बांटा गया। इस मौके पर कमेटी के प्रबंध अकीलुर्रहान खां, मैनेजर अब्दुल खलीक खां, शाहिद खां, फहमीद खां, गुच्छन खां आदि मौजूद रहे।
चारों ओर वाहनों की कतार लगने से देर रात तक बनी रही जाम की स्थिति
कलीनगर। सेल्हा बाबा के मुरीदों का सैलाब ऐसा उमड़ा की कुल की रस्म पूरी होने के बाद चारों तरफ वाहनों की कतार दिखाई दी। सैकड़ों बाइक के अलावा चार पहिया वाहनों के अलावा बस और ट्रक की भी संख्या काफी रही। दरअसल कुल शरीफ होने के बाद सभी अपने घरों के लिए वापस लौटने लगे। इसके चलते दरगाह क्षेत्र से लेकर शारदा डैम की फीडर नहर तक वाहनों की जबरदस्त कतार दिखी। जाम की स्थिति बनने से करीब दो घंटे तक वाहन एक कदम भी आगे नहीं बढ़ सके। इसके बाद पुलिस की कई टीमें जाम से निजात दिलाने के लिए पहुंचीं। पुलिस कर्मियों की कड़ी मशक्कत के बाद कुछ राहत जरूर मिली, लेकिन देर रात तक जाम की स्थिति बनी रही। दरगाह से बाइफरकेशन तक आठ किमी दायरे में वाहन ही वाहन दिखायी दिए। इसके अलावा धुरिया पलिया से मझारा, पुरैना से शारदा डैम पर चढ़ने वाला मार्ग वाहनों की कतार से भरा रहा।
बंगाली समाज ने दिखाई मानवता, अकीतमंदों को घरों में दी जगह
सेल्हा बाबा के कुल शरीफ को लेकर अकीतमंदों का सैलाब उमड़ पड़ा। मेला क्षेत्र में वाहनों के अलावा अकीदतमंदों के ठहरने के लिए जगह कम पड़ गई। इसको देखते हुए पुरैना गांव के बंगाली समाज के लोगों ने मानवता दिखायी। वाहनों के साथ अकीदतमंदों को अपने घरों में शरण दी। इसके बाद उन्होंने खाना पीना बनाकर खाया।