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विश्व हृदय दिवस : दिल को रखे दुरुस्त, अपनाएं संतुलित दिनचर्या

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डॉ. सत्यम राजवंशी। - फोटो : MUZAFFARNAGAR
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विश्व हृदय दिवस : दिल को रखे दुरुस्त, अपनाएं संतुलित दिनचर्या
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मुजफ्फनगर। दिल को स्वस्थ रखना है, तो तनावमुक्त रहें और संतुलित दिनचर्या अपनाएं। हृदय रोग विशेषज्ञों का मानना है बदलाव की बयार में ब्लड प्रेशर सही रखने के लिए चिकनाई मुक्त भोजन और नियमित व्यायाम करना जीवन का हिस्सा बनाना होगा। आराम तलबी की परंपरा लोगों की जिंदगी को खतरे में डाल रही है। हृदय रोगियों की संख्या बढ़ रही है। अफसर हों या उद्यमी, किसान हो या मजदूर, इन लोगों के लिए यह मर्ज नुकसान बढ़ा रहा है। जिला चिकित्सालय के अलावा जिले के निजी डाक्टरों के यहां रोजाना 150 से 200 मरीज हृदय और ब्लड प्रेशर के पहुंच रहे है। बिगड़ती दिनचर्या से 30 साल की उम्र के युवाओं में भी यह बीमारी बढ़ रही है।
बीपी और शुगर पर रखे नियंत्रण
वरिष्ठ ह्दय रोग विशेषज्ञ डा. अनुभव सिंघल कहते है सर्दियों में ठंड बढ़ने पर रात्रि में नींद के समय हार्ट अटैक का रिस्क ज्यादा रहता है। इससे बचने के लिए बीपी और शुगर को कंट्रोल रखें। अन्यथा दिल की नसों में ब्लॉकेज आने की आशंका रहती है। तंबाकू और धूम्रपान से परहेज करें। मौसम के अनुसार ताजे फलों और हरी सब्जियों का सेवन हितकारी है। युवावस्था में स्मोकिंग की वजह से हार्ट अटैक की आशंका रहती है।
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तनाव मुक्त जिंदगी जीने का अंदाज बनाएं
वरिष्ठ फिजीशियन एवं हृदय रोग विशेषज्ञ (एमडी) डॉ. विकास कुमार का कहना है, तनाव हर बीमारी की जड़ है। लोग भागदौड़ की जिंदगी में तनावग्रस्त हो रहे हैं। मस्त रहकर नियमित दिनचर्या अपनाएं। संतुलित आहार लें। धूम्रपान और शराब के सेवन से बचें। चर्बीयुक्त और चिकनाई वाले भोजन से परहेज करें। जरूरत पड़ने पर चिकित्सकों की मशवरे से ब्लड प्रेशर की दवाएं लें। सुबह-शाम खुली हवा में घूमें। अनावश्यक तनाव से बचें। वजन को नियंत्रित रखें। सिर दर्द, भारीपन और सांस फूलना बीपी के लक्षण हो सकते है।
कैसे बचाव करे?
- पौष्टिक और कम वसायुक्त आहार लें
- नमक ज्यादा मात्रा में ने लें
- धूम्रपान और नशे से बचें
- मौसमी फल और हरी सब्जियों का सेवन करें
- खुली हवा में व्यायाम और घूमना जरूरी है।
जिला अस्पताल में सुविधाओं का अभाव
मुजफ्फरनगर। स्वामी कल्याणदेव राजकीय जिला चिकित्सालय में हार्ड केयर सेंटर है। यहां पर अधिकतम दस मरीज भर्ती किए जा सकते हैं। मगर स्वास्थ्य विभाग के पास डॉक्टरों और संसाधनों का अभाव है। दिल की बीमारी से पीड़ित गंभीर मरीजों को यहां से मेरठ रेफर किया जाता है। जिले में केवल एक ही हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ बीके जैन की ही यहां नियुक्ति है। इसलिए जनपद भर के हृदय रोगी यहां ओपीडी को आते हैं। प्रतिदिन करीब 125 से अधिक मरीजों का यहां उपचार को आते है। जिन्हें देखने की जिम्मेदारी केवल एक ही डॉक्टर पर है। हृदय केयर सेंटर में ईसीजी की ही व्यवस्था है। आईसीयू वार्ड यहां नहीं है। ईको, टीएमटी तक की सुविधा यहां पर नहीं है। जनपद में अधिकांश हृदय रोगी प्राईवेट डॉक्टरों पर ही निर्भर है।
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जनपद में केवल एक ही ह्रदय रोग विशेषज्ञ की तैनाती है। यहां पर संसाधन भी कम है। डॉक्टरों और संसाधनों की डिमांड शासन से की गई है। गंभीर मरीजों को मेरठ रेफर किया जाता है - डॉ एमएस फौजदार, सीएमओ।
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