मुजफ्फरनगर में कोर्ट ने दुष्कर्म के आरोपी को सात साल कैद की सजा सुनाई है। इसके अलावा अदालत ने 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। आरोपी ने चार साल पहले ईंख के खेत में युवती के साथ दुष्कर्म किया था।
मुजफ्फरनगर जनपद में चार साल पहले ईंख के खेत में मानसिक रूप से बीमार युवती के साथ दुष्कर्म के आरोपी को अदालत ने सात साल कैद और 10 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। पॉक्सो अदालत ने यह फैसला सुनाया।
विज्ञापन
विशेष लोक अभियोजक अरुण जावला, विक्रांत राठी ने बताया कि शामली के एक गांव निवासी इकराम ने मुकदमा दर्ज कराते हुए बताया था कि वह अपने कुछ साथियों के साथ 31 जुलाई, 2017 को अन्य किसानों के साथ खेत पर काम कर रहा था। ईंख के खेत से युवती की आवाज सुनाई दी थी। किसान मौके पर पहुंचे तो एक युवती के साथ एक युवक गलत हरकत करते देखा। युवती कुछ बोल नहीं पा रही थी। युवती मानसिक तौर पर बीमार थी। किसानों ने आरोपी को पकड़कर पुलिस को सौंप दिया।
इसके बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। प्रकरण की सुनवाई विशेष पोक्सो एक्ट कोर्ट-1 की जज आरती फौजदार ने की। अभियुक्त मोनू को दुष्कर्म का दोषी मानते हुए सात वर्ष कैद की सजा सुनाई है।