फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मेरठ हादसा: सुनहरे ख्वाब के लिए छोड़ा घर, आंखों में रह गए सिर्फ आंसू, होली पर आना था घर पर उजड़ गया सबकुछ

Sun, 24 Mar 2024 05:31 PM IST
कपिल kapil अमर उजाला ब्यूरो, मुजफ्फरनगर

सार

Muzaffarnagar News : मेरठ हादसा में हुए दर्दनाक हादसे में एक ही परिवार के चार बच्चों की मौत हो गई। होली के त्योहार पर परिवार के सभी बच्चों की मौत होने से जहां माता-पिता की आंखों में हमेशा के लिए आंसू रह गए तो वहीं पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है।
विज्ञापन
गांव में छाया मातम। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

मुजफ्फरनगर जनपद के जानसठ क्षेत्र के सिखेड़ा गांव के एक मजदूर परिवार ने जिंदगी के सुनहरे ख्वाब के लिए घर छोड़ा। लेकिन चार बच्चों की मौत के बाद आंखों में सिर्फ आंसू रह गए हैं। पति को खो चुकी बबीता ने देवर के साथ नई जिंदगी की शुरुआत की थी, लेकिन धमाके ने घर का आंगन सूना कर दिया। सिखेड़ा में सन्नाटा पसरा है। परिवार के अधिकतर सदस्य मेरठ चले गए। 

विज्ञापन


पीड़िता की कहानी का पहला पन्ना सिखेड़ा से जुड़ा है। गांव के अनुसूचित जाति के परिवार का इकलौता मिंटू पुत्र रतन सिंह मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करता था। परिवार में पत्नी बबीता के अलावा बेटी सारिका (14), निहारिका (8), बेटा गोलू (6) व कल्लू (5) थे। जिंदगी गुजर रही थी, लेकिन डेढ़ साल पहले मिंटू की बीमारी से मौत हो गई थी। मिंटू परिवार में इकलौता था। ऐसे में बबीता की जिंदगी में पहाड़ जैसा दुख खड़ा हो गया।

बताया गया कि पति की मौत के बाद वह अपने पारिवारिक देवर जॉनी के साथ मेरठ के पल्लवपुरम में रोजी रोटी कमाने के लिए चारों बच्चों को लेकर चली गई थी। बबीता ने दोबारा नई जिंदगी शुरू की। गांव में मकान पर ताला लग गया था। रविवार को होली पर परिवार को घर आना था, लेकिन शनिवार को घर में हुए हादसे में बबीता के चारों बच्चों की मौत हो गई। जबकि बबीता व जॉनी अस्पताल में भर्ती हैं, जहां उनका उपचार चल रहा है।

यह हुआ हादसा
पल्लवपुरम की जनता कॉलोनी में किराए के घर में जॉनी व बबीता रसोई में थे और बच्चे कमरे में थे। बिस्तर पर रखे बिजली के एक्सटेंशन बोर्ड में मोबाइल का चार्जर लगाते समय शार्ट सर्किट से कमरे में आग लग गई थी और इस आग में चारों बच्चों की जलने से मौत हो गई थी। बचाव करते समय यह दोनों भी बुरी तरह से झुलस गए थे।

गांव में गम, परिवार के बह रहे आंसू
इस हादसे की जानकारी मिलने के बाद सिखेड़ा गांव में मिंटू के पारिवारिक लोगों में शोक है। गांव में रह रहे पारिवारिक महिला कमलेश (चाची), किरण (चाचा), टिंकू (दामाद) ने घटना पर दुख जताया। उन्होंने बताया कि रविवार को परिवार को गांवा में आना था।

ताऊ व परिजन पंजाब में कर रहे मजदूरी
बबीता की ससुर  रतन सिंह और सास  की पहले ही मौत हो गई थी। पहले पति मिंटू का ताऊ निरब सिंह अपने अविवाहित दो बेटों सचिन व रोबिन तथा बेटी काजल के साथ पंजाब में भठ्ठे पर ईंट पथाई का काम करता है। एक बेटा मनोज परिवार सहित गांव में रह कर मजदूरी करता है तो दूसरा बेटा बैंगलौर में नौकरी करता है। मिंटू अपने पिता का इकलौता बेटा था।

परिजन पहुंचे मेरठ
पंजाब में मजदूरी कर रहे मिंटू के ताऊ को सूचना दी गई है। वह और गांव सिखेडा में रहने वाला मनोज अपने परिवार सहित पल्लवपुरम के लिए रवाना हो गए थे।

यह भी पढ़ें: दर्दनाक: चार्जिंग पर लगा मोबाइल फटा, तेज धमाके के साथ कमरे में लगी आग, चार बच्चों की मौत, पति-पत्नी घायल
विज्ञापन

होली पर्व मनाने आना था घर
गांव सिखेड़ा में रहने वाले बबीता के पारिवारिक लोग किरण, टिंकू आदि बताते है कि बबीता व जोनी को बच्चों को लेकर होली पर्व मनाने के लिए गांव में आना था। होली से पहले से हादसा हो गया। चारों बच्चों की मौत से उनके गांव में शोक है।

यह भी पढ़ें: होली पर छाया मातम: चार मासूमों ने तड़प-तड़पकर तोड़ा दम, जिंदगी बचाने को जान पर खेले मां-बाप, वादा भी रहा अधूरा
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें