रामपुर। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खां ने कहा कि मुल्क, सूबे और आपकी बेहतरी के लिए हमने और हमारे अपनों ने क्या-क्या नहीं सहा। सैकड़ों मुकदमे दर्ज हैं। किताबें-फर्नीचर और मुर्गी चोरी ही नहीं, डकैती की धाराएं हमारे ऊपर लगाई गई हैं। हमारे मुखालिफों ने हमारा मयार बहुत हल्का रखा। उन्हें अगर मुकदमा कराना ही था तो कुतुबमीनार और ताजमहल चोरी का कराते।
लोकसभा उपचुनाव में सपा प्रत्याशी आसिम राजा के समर्थन में मंगलवार की रात नगर में आयोजित जनसभा में सपा नेता एवं विधायक आजम खां ने अपना दर्द बयां करते हुए कहा कि रामपुर में बिजली कड़की, वे लोग भी यह समझ गए होंगे कि रामपुर में बिजली कड़क सकती है लेकिन रामपुर के लोगों का जिस्म झुलसाया नहीं जा सकता। कहां और कौन सी बिजली गिरी थी हमारे ऊपर। सारा शहर अंधेरा था। मेरे जिस्म से गर्मी और सर्दी का एहसास ही खत्म हो गया। आठ बाई ग्यारह की कोठरी में बंद एक आदमी जिसे शाम साढ़े सात बजे डबल लॉक में बंद कर दिया और सुबह को छह बजे खोला जाए। गुनाह यह था कि हमने हर लम्हा यह सोचा कि हम अपने रामपुर, सूबे और मुल्क वालों के लिए क्या बेहतर कर सकते हैं। इसी सोच और इस गुनाह की सजा हमें मिली। अभी तो हम जमानत पर हैं, बरी नहीं हुए हैं। मेरे और मेेरे अपनों पर सैकड़ों मुकदमे हैं। हमारे मुखालिफ नेे हमारा मयार इतना नीचा रखा। अगर, मुकदमा लिखाना ही था तो कुतुबमीनार और ताजमहल चोरी का कराते।