मुरादाबाद। पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम प्रबंधन द्वारा सही समय पर मीटरों के लिए टेंडर जारी नहीं करने से मीटरों की भारी किल्लत हो गई है। जोन में मुरादाबाद, रामपुर, संभल, अमरोहा और बिजनौर में मीटर की खराबी से संबंधित तकरीबन ढाई हजार शिकायतें लंबित हैं। उपभोक्ता मीटर बदलवाने के लिए विद्युत निगम के अधिकारियों के पास चक्कर लगा रहे हैं। इसके बावजूद पांचों जिलों के स्टोर में मीटर उपलब्ध नहीं होने के कारण उपभोक्ताओं की शिकायतों का समाधान नहीं हो पा रहा है।
मुरादाबाद देहात में ऐसे मामले सबसे ज्यादा हैं। लोगों का कहना है कि घर में टीवी, पंखा, बल्ब के अलावा अन्य उपकरण न होने पर भी खराब मीटर महीने में पांच हजार रुपये से अधिक का बिल आ रहा है। वहीं, कुछ क्षेत्रों में मीटर रीडरों ने समस्या का फायदा उठाते हुए उपभोक्ताओं से रेट फिक्स कर लिए हैं। आरोप है कि कुछ मीटर रीडर हर महीने उपभोक्ताओं से 300 से 500 रुपये तक वसूल रहे हैं। वहीं, उपभोक्ताओं से यह कह दिया जाता है कि मीटर ठीक होने पर संशोधित बिल में से उनके द्वारा दिए गए रुपयों को घटा दिया जाएगा, जबकि वास्तव में मीटर रीडरों को ऐसा करने का अधिकार नहीं है। इन मामलों का खुलासा होने पर अधिकारियों ने मीटर रीडरों को फटकार लगाई है।