सीखड़। कछवां थाना क्षेत्र के सीखड़ ब्लाक परिसर में सरकारी कमरे में बृहस्पतिवार की रात संदिग्ध हाल में छत से लटकी मिली सेक्रेटरी की लाश की घटना मेेंपीएम रिपोर्ट आने के बाद नया मोड़ ले लिया। हालांकि पुलिस पूरे दिन मामले को छुपाने का प्रयास की, बात करने पर सीओ नगर शैलेंद्र त्रिपाठी ने बताया कि पोस्टमार्टम में संतोष की मौत का कारण दम घुटना बताया गया। इससे हत्या की आशंका बढ़ जाती है। क्योंकि फंसी लगाने वाले की मौत का कारण हैंगिग आती है, जबकि संतोष की मौत का कारण इस्टांगुलेशन बताया गया है, दम घुटने से उसी की मौत होती है, जिसका गला घोटा जाता है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
मृत सेक्रेटरी संतोष मूलरूप से अहरौरा थाना क्षेत्र के सहुुआइन का गोला गांव के निवासी थे। वाराणसी के कंदवा स्थित शिवधाम कालोनी में वो मकान बनाकर परिवार के साथ रहते थे। लेकिन उनकी तैनाती मिर्जापुर के सीखड़ ब्लाक में थी। नित्य की भांति बृहस्पतिवार को संतोष कुमार सोनकर (45) ब्लाक पहुंचे। लेकिन देर शाम तक वापस घर नहीं पहुंचे। इस पर परिवार के सदस्यों ने उनकी तलाश शुरू की। इस दौरान पता चला कि संतोष की बाइक ब्लाक परिसर में जिस कमरे में वो बैठते है, उसके सामने खड़ी है। लेकिन कमरे में बाहर से ताला बंद था। खोजबीन करते हुए जब लोग पीछे पहुंचे तो कमरे का पीछला दरवाजा खुला था। साथ्ज्ञ ही संतोष की लाश छत से लटकी थी। पुलिस शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजी थी। घटना के बाद मृत सेक्रेटरी के भाई रामबाबू ने संतोष की हत्या की आशंका जताई थी। शुक्रवार की सुबह दो डाक्टरों की टीम ने वीडियोग्राफी के बीच सेक्रेटरी के शव का पोस्टमार्टम किया।
इनसेट
उस आवास में नहीं जाता था कोई
सीखड़। जिस आवास में सेक्रेटरी की लाश छत से लटकी मिली उस कमरे में कोरोना संक्रमण से मरे सेक्रेटरी सुनील सिंह सहित अन्य ग्राम विकास अधिकारी बैठते थे। कोरोना संक्रमण के दौरान सुनील सिंह की मौत होने के बाद उस कमरे में लोग जाना बंद कर दिए थे।