जमालपुर। क्षेत्र के बहुआर गांव में शनिवार को नौ दिवसीय संगीतमय श्रीराम कथा का शुभारंभ हुआ। कथा वाचक ने कहा कि भगवान को पाने में तमाम तरह की बाधाएं आती हैं। लेकिन असल भक्त वही है जो इन बाधाओं को पार कर भगवान को पा लेता है। मुख्य पुजारी बद्री नारायण शुक्ल ने मानस पीठ का पूजन और दीप प्रज्वलन कर श्रीरामकथा का शुभारंभ किया। आजमगढ़ के बड़हलगंज से आईं मानस कोकिला पंडित विजय लक्ष्मी शास्त्री ने कहा मन के निर्मल होने पर ही भगवान की कृपा प्राप्त होती है। मन, बुद्धि, चित्त एवं अहंकार पर नियंत्रण करने के बाद ही मनुष्य का उद्धार होता है। कहा श्रीरामकथा मानव जीवन का कल्याण करने वाली कथा है। इसको सुनने का अवसर कई जन्मों के पुण्य उदय होने के बाद ही किसी को मिलता है। कथा श्रवण एकाग्र चित्त होकर करनी चाहिए। उन्होने कहा मानस में बाबा तुलसी ने रामकथा की तुलना मंदाकिनी नदी से की है। कहा कि भगवत भजन एवं भगवान को प्राप्त करने में तमाम बाधाएं आती हैं, लेकिन मनुष्य को इससे विचलित नहीं होना चाहिए।
इस दौरान रविप्रकाश त्रिपाठी, अवधेश सिंह, विजेंद्र प्रताप सिंह, राधेश्याम तिवारी, जमुना कन्नौजिया, रविंद्रनाथ तिवारी, ज्ञान सिंह, मुरारी सिंह, चिंतामणि श्रीवास्तव, अमन पटेल मौजूद रहे।