सवाल : किन परिस्थितियों में आपने पढ़ाई पूरी की और आगे की पढ़ाई के लिए क्या मुश्किलें सामने आईं?
जवाब : नगर के दून वैली पब्लिक स्कूल से इंटर करने के बाद मैं आगे की पढ़ाई के लिए दिल्ली चला गया। बड़े शहरों का कल्चर यहां से अलग था। मैं छोटे कस्बे से गया तो खुद को उस माहौल में रमने के लिए थोड़ा वक्त लगा, लेकिन उन्होंने उन परिस्थितियों के अनुकूल खुद को ढाल लिया। क्योंकि जिस माहौल से मैं निकल कर गया, उसमें आस पड़ोस के लोग भी हालचाल जान लेते हैं। जब मैंने तैयारी शुरू की तो वहां भी मैंने बहुत से असफल लोगों को देखा है। पांच साल में मैंने यह पद प्राप्त किया है। मेरे लिए यह मुश्किल भरा था।
सवाल : नायब तहसीलदार बनने के बाद आगे की पढ़ाई के लिए समय कैसे निकाला और यह कितना कठिन रहा?
जवाब : नायब तहसीलदार की ज्वाइनिंग होते ही मुझे ट्रेनिंग पर भेज दिया गया था। वहां पर भरपूर समय मुझे मिल जाता था। जिसमें मैंने पीसीएस के लिए तैयारी की। जब मेरी तैनाती हुई उसमें जितना भी समय मुझे मिलता था, मैं उसका बेहतर उपयोग करता था। समय का सही उपयोग करना बेहद जरूरी होता है।
सवाल : यूपी बोर्ड और सीबीएसई की परीक्षा आने वाली हैं। ऐसे में युवाओं के लिए आपका क्या संदेश है?
जवाब: सीबीएसई और यूपी बोर्ड के परीक्षार्थियों को मैं यही कहना चाहूंगा कि आप परीक्षा में बेस्ट दें, लेकिन इन परीक्षा को इतना गंभीरता से न लें कि यह जिंदगी से बड़ा हो जाए। तनाव लेने की बिल्कुल भी जरूरत नहीं है। अच्छे से पढ़ें और अच्छे नंबर लाएं और अपने माता-पिता का नाम रोशन करें।