शामली में बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा संचालित परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को नई यूनिफार्म के लिए अभी इंतजार करना पड़ेगा। विद्यालयों में डाटा फीडिंग का काम चल रहा है। शासन ने डाटा फीडिंग का काम 15 जुलाई तक पूरा करने के निर्देश दिए हैं। विद्यालयों में बच्चे पुरानी यूनिफार्म में तो कुछ बच्चे बिना यूनिफार्म के पहुंच रहे हैं।
शासन की तरफ से परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को डीबीटी के माध्यम से अभिभावकों के खाते में 1100 रुपये उपलब्ध कराए जाते हैं। यह धनराशि बच्चों की यूनिफार्म, जूते मौजे और स्वेटर के लिए दी जाती है।
जिले में नए शैक्षिक सत्र में सभी 596 विद्यालयों में कक्षा एक से आठ तक के करीब 86,500 बच्चे पंजीकृत हैं। इनमें नए बच्चों की संख्या करीब 17,500 है। विद्यालयों में शिक्षकों द्वारा ऑनलाइन बच्चों का डाटा पोर्टल पर फीड कर शासन को भेजा जाता है। इसमें बच्चे का नाम, कक्षा, अभिभावक का नाम, स्कूल का नाम, पता आदि जानकारी के साथ अभिभावक का आधार लिंक से बैंक खाता दिया जाता है।
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नए शैक्षिक सत्र में अभी बच्चों की डाटा फीडिंग का काम चल रहा है। नए नामांकित बच्चों का डाटा फीडिंग नामांकन के साथ किया जा रहा है, लेकिन पुराने बच्चों के डाटा फीडिंग का काम धीमा चल रहा है, जिसके चलते जिले में लगभग आधे बच्चों का ही डाटा फीडिंग का काम पूरा हो सका है।
बेसिक शिक्षा के जिला समन्वयक अमित कुमार ने बताया कि विद्यालय स्तर पर बच्चों का डाटा फीडिंग कार्य पोर्टल पर ऑनलाइन किया जा रहा है। 15 जुलाई तक यह कार्य पूरा करने के निर्देश हैं। इसके बाद शासन स्तर से डीबीटी से अभिभावकों के खाते में यूनिफार्म की धनराशि उपलब्ध कराई जाएगी। इस प्रक्रिया में अभी समय लगने के कारण बच्चों को जुलाई माह में नई यूनिफार्म मिलने की उम्मीद कम है। वर्तमान में बच्चे पुरानी यूनिफार्म में आ रहे हैं या फिर बिना यूनिफार्म के विद्यालय में पहुंच रहे हैं।