मेरठ के काकेपुर गांव का अरविंद सैनी तीन बहनों में अकेला भाई था, जो पिता की मौत के बाद जिम्मेदारी संभाल रहा था। दो बहनों की शादी हो चुकी थी। छोटी बहन अंजू की 16 नवंबर को ही शादी थी और मुजफ्फरनगर के कवाल से बरात आनी थी। अंजू को धूमधाम से विदा करने की तैयारी थी, लेकिन काल ने ऐसा होने नहीं दिया।
शादी का कार्ड बांटने जा रहे अरविंद और चचेरे भाई सचिन शुक्रवार को करनाल हाईवे पर सड़क हादसे में जान गंवा बैठे। दो सप्ताह में इसी परिवार से जुड़े चार लोगों की मौत से गम का पहाड़ टूट पड़ा। शनिवार को पोस्टमार्टम के बाद जब दोनों के शव गांव में पहुंचे तो हर आंख नम थीं।
काकेपुर में हुकुम सिंह सैनी, बिशनपाल सैनी और नरेश सैनी के परिवार रहते हैं। अरविंद के पिता बिशनपाल सैनी की आठ साल पहले मौत हो चुकी है। चचेरे भाई सचिन सैनी के पिता नरेश सैनी 15 साल पहले मौत हो चुकी है। खानदान के सबसे बड़े हुकुम सिंह सैनी की देखरेख में परिवार पल रहे थे ,लेकिन 27 अक्तूबर को उनकी भी मौत हो गई।