रेलमंत्री से बोले सांसद, अंडरपास में पानी भरने से रास्ते हो रहे बंद
मेरठ। बारिश में जनता के लिए परेशानी का सबब बने रेलवे अंडरपास की समस्या का समाधान कराने के लिए सांसद ने रेलमंत्री से मुलाकात की। उन्होंने बताया कि अंडरपास में पानी भरने से लोगों को आने जाने में परेशानी हो रही है। इसके लिए लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। वहीं, बिजली बंबा बाईपास स्थित जुर्रानपुर फाटक पर बने फ्लाईओवर अभी तक सड़क निर्माण न होने के संबंध में भी अवगत कराया।
सांसद राजेंद्र अग्रवाल ने संसद भवन स्थित कार्यालय में रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि रेलवे क्रॉसिंग पर बनवाए गए अंडरपासों में थोड़ी सी बारिश में ही पानी भर जाता है। इससे जुड़े गांवों का दूसरों गांवों से संपर्क बाधित हो जाता है। इस संबंध में कई बार मामला लोकसभा में उठाए जाने के बाद भी समाधान नहीं हुआ। सांसद ने कहा कि इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए इन अंडरपासों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग की प्रयुक्त की गई तकनीक में संशोधन किया जाना चाहिए। तब तक अंडरपास में पानी भरने की स्थिति में रेलवे विभाग स्वत: संज्ञान ले। बिना किसी देरी के पानी को पंप द्वारा बाहर निकालने की व्यवस्था कराएं। उन्होंने रेल मंत्री को बताया कि 15 जुलाई को मुरादाबाद मंडल के प्रबंधक से बात कर इन अंडरपासों (विशेषकर मेरठ-हापुड़ खंड में सेतकुआं ग्राम के पास बने अंडरपास) से पानी निकलवाने का अनुरोध किया, लेकिन एक ही दिन पंप लगाकर पानी निकाला गया। उलधन व नूरनगर के पास बने अंडरपास सहित अन्य में आज भी पानी भरा हुआ है।
सड़क निर्माण का अनुबंध किसके पास पता चलना चाहिए
सांसद ने रेल मंत्री से जुर्रानपुर क्रासिंग के संबंध में बात करते हुए कहा कि बिजली बंबा बाईपास फ्लाईओवर बना हुआ है। इसका शिलान्यास 12 नवंबर 2011 में किया गया था। यह फ्लाई ओवर मेरठ-हापुड़ रोड तथा मेरठ-दिल्ली रोड के बीच के प्रस्तावित बाईपास का हिस्सा है। इसको बनाने से पहले निश्चित ही रेलवे का किसी प्राधिकरण/निर्माण एजेंसी से दोनों तरफ की सड़क बनाने का अनुबंध हुआ होगा। रेलवे ने तो अपना कार्य तभी पूरा कर दिया, लेकिन सड़क का निर्माण अभी तक नहीं हुआ। इसके कारण पुल अधर में अटका हुआ है। इस अधूरे कार्य के कारण प्रोजेक्ट में सार्वजनिक धन के साथ की जाने वाली लापरवाही दिखाई देती है।