उधर, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों से पूरी घटना की रिपोर्ट मांग ली है। वहीं, पीवीवीएनएल की प्रबंध निदेशक चैत्रा वी. ने कहा कि हादसे की प्रारंभिक जांच में विभागीय अधिकारियों की गलती सामने नहीं आई है। मृतकों को नियमानुसार मुआवजा दिया जाएगा।
भावनपुर थाना क्षेत्र के राली चौहान गांव निवासी 16 कांवड़िये बृहस्पतिवार को हरिद्वार से डाक कांवड़ लेने गए थे। शनिवार रात सवा आठ बजे कांवड लेकर गांव लौट रहे थे। गांव से एक किलोमीटर पहले 22 फीट ऊंची डाक कांवड़ के डीजे का फ्रेम 11 हजार केवी की हाईटेंशन लाइन से टकरा गया।
सभी मृतकों का एक साथ अंतिम संस्कार किया गया।
- फोटो : अमर उजाला
वहीं, करंट लगने से गांव के हिमांशु (14) उसका भाई प्रशांत (16) पुत्र सुरेश चंद्र सैनी, लख्मी (45) पुत्र भगीरथ और उनका भतीजा मनीष सैनी (18) पुत्र सुशील, महेंद्र (45) पुत्र कमलू और लक्ष्य (12) पुत्र सुनील की मौत हो गई। 14 लोग झुलस गए।
एक साथ किया गया अंतिम संस्कार।
- फोटो : अमर उजाला
बालिग मृतकों के आश्रितों को छह-छह लाख की आर्थिक सहायता
छह मृतकों में दो बालिग हैं। इनके परिजनों को किसान दुर्घटना बीमा योजना के अंतर्गत पांच-पांच लाख रुपये एवं विद्युत विभाग की तरफ से एक-एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता दिलाई जाएगी। मृतकों में चार नाबालिग हैं, इनके परिवार वालों को विद्युत विभाग की तरफ से एक-एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता दिलाई जाएगी। शासन को भी हम आर्थिक सहायता के लिए प्रस्ताव बनाकर भेज रहे हैं। हादसे की जांच के लिए बनाई गई चार सदस्यीय कमेटी आज रिपोर्ट देगी, उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
- दीपक मीणा, जिलाधिकारी
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