रोजी रोटी का संकट गहराया
इस्लामाबाद, गोलाकुआं, परतापुर, शाहपीर गेट, हापुड़ रोड, कांच का पुल, पिल्लोखड़ी रोड आदि क्षेत्रों के हैंडलूम व पावरलूम उद्यमियों की बिक्री प्रभावित है। पावरलूम में बड़ी संख्या में महिलाएं कढ़ाई, रंगाई, छपाई और सिलाई का कार्य करती हैं। गद्दे के कवर, तकियों के कवर, सूती शर्ट, बेडशीट आदि तैयार किए जाते हैं। उम्मीद के अनुरूप मांग न होने से परिवारों के सामने रोजी-रोटी का बड़ा संकट खड़ा है।
व्यापार हुआ प्रभावित
व्यापारी से लेकर कारीगर तक सभी परेशान हैं। डेढ़ साल में कारोबार सीधा प्रभावित हुआ है। कई कारोबारियों के पास ऑर्डर नहीं आए हैं। उपयुक्त रेट न दे पाने के कारण ऑर्डर पेंडिंग हैं। - रचित जैन, पारसनाथ पिंट्स
ट्रेडर भी प्रभावित
आजकल हैंडलूम सेक्टर में ट्रेडर्स से लेकर उद्यमी तक हर कोई प्रभावित हैं। ग्राहक का मूड कोई भी समझ नहीं पा रहा है। ऐसे में कैश डीलिंग भी प्रभावित है।
- वासु, वासु टेक्सटाइल्स
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दीपावली तक होती है अधिक मांग
दशहरा से दीपावली तक का समय व्यापार के लिए उपयुक्त होता है। सितंबर की शुरुआत से अच्छी सेल शुरू हो जाती है। इस बार बाजार में डिमांड नहीं हैं। कोई भी बाजार का सही सही आंकलन नहीं लगा पा रहा है। - मयंक, ऋषभ टेक्सटाइल्स
पीएलआई योजना वस्त्र उद्योग के लिए संजीवनी
भाजपा व्यापार प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक विनीत अग्रवाल शारदा ने कहा कि केंद्रीय कपड़ा मंत्री पीयूष गोयल ने टेक्सटाइल, कपड़ा, वस्त्र उद्योग को पीएलआई या उत्पादन लिंक्ड प्रोत्साहन योजना लागू की है। योजना से छोटे वस्त्र उद्योग को विश्व मार्केट में पहुंचने का मौका मिलेगा। मेरठ को इससे नई पहचान मिलेगी।