इसे शासन की वित्तीय व्यय समिति की मंजूरी के बाद कैबिनेट भी पास कर चुकी है। इसमें से 249 करोड़ का बजट भी पास हुआ था। गंगनहर की पटरी पर कांवड़ मार्ग बनने के बाद एनएच-58 पर यातायात का दबाव कम होगा। शहर को भी जाम से काफी राहत मिलेगी। अभी तक दिल्ली से मुजफ्फरनगर या उत्तराखंड जाने और आने वाले वाहनों को एनएच-58 या फिर मेरठ शहर के अंदर से गुजरना पड़ता है। लोनिवि की ओर से पेड़ों का कटान शुरू कर दिया गया है।
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एक नजर में कांवड़ पटरी मार्ग
मेरठ सीमा में कांवड़ पटरी
मार्ग के लिए जमीन : 84.60 हेक्टेयर
मुजफ्फरनगर क्षेत्र में पटरी
मार्ग की जमीन : 113.68 हेक्टेयर
गाजियाबाद क्षेत्र में पटरी
मार्ग की जमीन : 24.70 हेक्टेयर
कांवड़ पटरी मार्ग से
हटाए जाएंगे पेड़ : 1,12,722