ऊंट- प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Amar Ujala
अगस्त 2019 में बकरीद पर कुर्बानी के लिए लिसाड़ीगेट और कोतवाली में राजस्थान से काफी संख्या में ऊंट मंगवाए गए थे। जिला प्रशासन ने ऊंटों की कुर्बानी पर प्रतिबंध लगाने की बात कहकर 28 ऊंट जब्त किए थे। पुलिस ने ऊंटों को भाजपा सांसद मेनका गांधी की संस्था पीपल फॉर एनिमल्स का सदस्य बताने वाले दिल्ली के एक युवक की सुपुर्दगी में दे दिया था। पुलिस ने तब उस युवक की कोई जांच नहीं की थी।
ऊंट स्वामी पहुंच गए हाईकोर्ट
ऊंटों की कीमत न मिलने पर ऊंट स्वामियों ने पुलिस से संपर्क किया था, लेकिन उनकी एक न सुनी गई। इस पर ऊंट स्वामी हाईकोर्ट चले गए। कोर्ट ने ऊंट स्वामियों के पक्ष में फैसला सुनाते हुए सिटी मजिस्ट्रेट को सभी 28 ऊंट उनके स्वामियों की सुपुर्दगी में दिए जाने का आदेश दिया।
वह ऊंट, जिसने किया था हमला
- फोटो : अमर उजाला
जिस युवक को पुलिस ने थमाए ऊंट, उसका नहीं मिला कोई रिकॉर्ड
मामला चार वर्ष पुराना होने पर सिटी मजिस्ट्रेट ने दो दिन पहले लिसाड़ीगेट पुलिस से ऊंटों के बारे में पूछा। थाना पुलिस ने रिकॉर्ड खंगाला और सुपुर्दगी में लेने वाले युवक की तलाश में दिल्ली में सांसद मेनका गांधी की संस्था के कार्यालय में संपर्क किया।
संस्था ने ऐसे किसी भी युवक का सदस्य न होने की बात कही। युवक का कोई रिकॉर्ड उपलब्ध न होने की जानकारी दी। संतोषजनक जवाब न मिलने पर अब सिटी मजिस्ट्रेट ने बुधवार को लिसाड़ीगेट पुलिस को ऊंटों से संबंधित लिखित जानकारी उपलब्ध कराने के लिए तलब किया है।
चंबल में पाए जाने वाले ऊंट
- फोटो : अमर उजाला
सिटी मजिस्ट्रेट द्वारा ऊंटों की जानकारी मांगी गई थी, जिसके चलते पुलिस सांसद मेनका गांधी की पीपल फॉर एनिमल्स संस्था के दिल्ली कार्यालय गई थी। संस्था ने ऊंटों को सुपुर्दगी में लेने वाले युवक की कोई जानकारी न होने के बारे में बताया। बुधवार को फिर पुलिस ऊंटों का पता लगाने के लिए दिल्ली जाएगी। - जितेंद्र सिंह, इंस्पेक्टर लिसाड़ीगेट
हाईकोर्ट के आदेश पर ऊंटों को उनके स्वामियों की सुपुर्दगी में देना है। लिसाड़ीगेट पुलिस से ऊंटों की जानकारी मांगी गई है। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर बुधवार को पुलिस को अपने कार्यालय में बुलाया है। ऊंट किसकी सुपुर्दगी में दिए हैं, इसका पुलिस को जवाब देना होगा। -अनिल कुमार, सिटी मजिस्ट्रेट