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पार्षद हत्याकांड: विवादित जमीन के मकड़जाल में फंसा था जुबैर, करोड़ों के फेर में गवां बैठा जान

Sun, 29 Aug 2021 01:59 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

सार

हत्या से दो दिन पहले जुबैर व उसके पार्टनर जिया ने एसएसपी ऑफिस में शिकायती पत्र दिया था। कहा कि जिला पंचायत सदस्य जब्बार, हाजी फतेहयाब और राजकुमार उर्फ राजू से उसे जान का खतरा है।
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जांच करती पुलिस। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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करोड़ों की विवादित जमीन मेरठ में पार्षद की मौत का कारण बन गई। पार्षद ने जहां पर जमीन ली, वहीं विवादों में फंस जाती थी। एक के बाद एक दस से ज्यादा विवाद जुबैर के चल रहे थे। जिसको लेकर उसकी हत्या होना बताया गया। अंदेशा कि सुपारी देकर भाड़े के बदमाशों से हत्या की घटना कराई गई है।

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यह विवाद सामने आए 
-देहरादून में जुबैर ने अपने पार्टनरों के साथ मिलकर नौ बीघा जमीन खरीदी थी। जिस पर वह प्लाट काटने की तैयारी में था। तभी जमीन के मालिक मातवर से उसका विवाद हो गया। बताया है कि इस जमीन का बैनामा नहीं कराया था। कुछ पैसे देकर जमीन मालिक से कहा था कि प्लाट बिकते रहेंगे और उसके पैसे मिलते रहेंगे। 

-भावनपुर के अब्दुल्लापुर में रविशंकर निवासी मोहनपुरी से पार्षद दिलशाद व उसके पिता हाजी शौकत ने 50 बीघा जमीन ली थी। इस जमीन को जुबैर और उसके पार्टनर सफाकत व जिया ने ले लिया। हाजी शौकत की मौत हो गई, जिसके बाद इस जमीन पर विवाद हो गया। रविशंकर ने बैनामा करने से मना कर दिया। यह विवाद फिलहाल चल रहा था। 
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-परतापुर क्षेत्र के बजोट में पीलू नाम के व्यक्ति से 27 बीघा जमीन खरीदी थी। जिस पर जुबैर प्लाट काट रहे थे। अब पीलू ने बैनामा करने से इनकार कर दिया। इस जमीन पर भी विवाद शुरू हो गया। 

-नौचंदी क्षेत्र के ढबाईनगर में एक युवक से 19 लाख रुपये को लेकर जुबैर का विवाद चल रहा है। खरखौदा के धनौटा गांव के एक युवक से पैसे के लेनदेन को लेकर जुबैर का विवाद चल रहा है।

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मारपीट हुई, थाने में शिकायत की 
पुलिस की जांच में सामने आया कि अब्दुल्लापुर वाली जमीन को लेकर विवाद बढ़ गया। दो दिन पहले वहां मारपीट हुई थी। जिसका मामला भावनपुर थाने में पहुंचा था। इस मामले की शिकायत मिलने के बाद भी पुलिस गंभीर नहीं हुई।

बाद में जुबैरऔर उसके साथी जमीन में समझौते की बात करने लगे। शुक्रवार देर रात भी समझौते के लिये जुबैर के घर पर मीटिंग हुई, लेकिन नतीजा शून्य रहा। शनिवार फिर जुबेर और उसके पार्टनरों को अब्दुल्लापुर गांव में जाना था। इसे पहले बदमाशों ने यह वारदात कर दी। 

पुलिस को खुली चुनौती, दो दिन पहले ही जताया था खतरा
दो दिन पहले जुबैर व उसके पार्टनर जिया ने एसएसपी ऑफिस में शिकायती पत्र दिया था। कहा कि राधना, किठौर निवासी जिला पंचायत सदस्य जब्बार, हाजी फतेहयाब निवासी शास्त्रीनगर सेक्टर-13 और राजकुमार उर्फ राजू से जान का खतरा बताया।

जुबैर का आरोप था कि इन लोगों ने दो करोड़ रुपये उससे लिये थे। उसको न जमीन दी और न पैसा लौटाया। अब वह पैसा मांगने पर धमकी देते है। जब्बार शातिर है, उसके खिलाफ पहले कई मुकदमे दर्ज है। उसका बेटा वसीम राधना ग्राम प्रधान बताया गया है। जुबैर के परिजनों ने इन लोगों ने नाम मुकदमे में खोले है। कहां कि इन लोगों से जुबेर का  विवाद चल रहा था।
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