इसलिए मिलती थी सस्ती दवाइयां
एक ही सॉल्ट की दवाइयों के दाम कंपनी या ब्रांड के आधार पर अलग-अलग हो सकते हैं। जिस सॉल्ट की दवा 100 रुपये की मिलती है, किसी दूसरी कंपनी में वही दवा 20 रुपये की भी मिल सकती है। किसी भी दवा का जेनेरिक नाम पूरे विश्व में एक ही होता है। बीमारी के लिए डॉक्टर जो दवा लिखते हैं, उसी दवा के सॉल्ट वाली जेनेरिक दवाएं जन औषधि केंद्र पर मिल सकती हैं, बशर्ते वे उपलब्ध हों। ये जेनेरिक दवाएं उत्पादक से सीधे रिटेलर तक पहुंचती हैं। जेनेरिक दवाओं के मूल्य निर्धारण पर सरकार का अंकुश होता है, इसलिए वे सस्ती होती हैं। जबकि पेटेंट दवाओं की कीमत कंपनियां खुद तय करती हैं, इसलिए वे महंगी होती हैं।
अभी कुछ साफ नहीं
लाइसेंस नवीनीकरण नहीं होने के कारण ये औषधि केंद्र बंद किए गए हैं। नवीनीकरण होने पर फिर से खोले जा सकेंगे। कब तक यह होगा, अभी कुछ साफ नहीं हुआ है।
- गौतम कपूर, नोडल अधिकारी, जन औषधि केंद्र
बीमारी जनऔषधि मेडिकल स्टोर
दिल 22 रुपये 395 रुपये
एलर्जी 19 रुपये 150 रुपये
ब्लड शुगर 10 रुपये 110 रुपये
ब्लड प्रेशर 15 रुपये 375 रुपये
खांसी 23 रुपये 125 रुपये
खून की कमी 19 रुपये 90 रुपये
कोलेस्ट्रॉल 6 रुपये 70 रुपये
दर्द 9 रुपये 100 रुपये
(10 टेबलेट की मेडिकल स्टोर और जनऔषधि केंद्र की कीमत )
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