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एक्सक्लूसिव: मरीजों पर मार, यूपी के इन अस्पतालों में बंद हुए जनऔषधि केंद्र,अब कैसे मिलेगी दवा

Sun, 22 Nov 2020 11:52 AM IST
कपिल kapil अरीश रिजवी, अमर उजाला, मेरठ
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मेडिकल और जिला अस्पताल का बंद पड़ा जनऔषधि केंद्र। अमर उजाला - फोटो : अमर उजाला
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सस्ती दवाओं की जरूरत पूरी कर रहे मेडिकल और जिला अस्पताल के प्रधानमंत्री जनऔषधि केंद्र बंद दिए गए हैं। यह मरीजों के लिए जोर का झटका है, जो चुपके से लगा है। मेडिकल स्टोरों के मुकाबले इन जनऔषधि केंद्रों पर दवाएं 50-90 प्रतिशत तक सस्ती थी जो अब नहीं मिल पा रही हैं। लाइसेंस नवीनीकरण की वजह से इन पर ताला लटक गया है। 

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मेडिकल कॉलेज में 24 दिसंबर 2018 को यह केंद्र खुला था। कोरोना से पहले यहां से हर माह करीब 35 हजार लोग दवाइयां लेते थे। इस समय भी यह संख्या करीब 7500 थी। जिला अस्पताल का केंद्र 15 जुलाई 2018 से चल रहा था। कोरोना से पहले हर माह 25-30 हजार लोग दवाइयां लेते थे, जो इस समय हर माह करीब छह हजार थी। 

दोनों जगह केंद्रों को खोलने की मंशा भी यही थी कि यहां रोजाना आने वाले हजारों मरीजों को अस्पताल के अलावा अगर दवाइयां खरीदनी पड़े तो वह इन केंद्रों से सस्ती दवाएं ले सकें। इन केंद्रों पर 600 तरह की दवाइयां देने वादा किया गया था, इनमें से 250-300 तरह की दवाइयां सस्ते दामों पर मिल जाती थीं। 
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मेडिकल कॉलेज केंद्र के स्टाफ पुनीत त्यागी ने बताया कि कोरोना से पहले रोजाना 2000 से ज्यादा लोग आते थे। अब भी 300-400 लोग आते हैं, जो मायूस लौट जाते हैं। जिला अस्पताल के केंद्र प्रभारी रोबिन ने बताया कि यहां दवाइयां सस्ती होने पर कोरोना से पहले रोजाना डेढ़ हजार तक और अब तीन सौ तक मरीज आ रहे थे।

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इसलिए मिलती थी सस्ती दवाइयां
एक ही सॉल्ट की दवाइयों के दाम कंपनी या ब्रांड के आधार पर अलग-अलग हो सकते हैं। जिस सॉल्ट की दवा 100 रुपये की मिलती है, किसी दूसरी कंपनी में वही दवा 20 रुपये की भी मिल सकती है। किसी भी दवा का जेनेरिक नाम पूरे विश्व में एक ही होता है। बीमारी के लिए डॉक्टर जो दवा लिखते हैं, उसी दवा के सॉल्ट वाली जेनेरिक दवाएं जन औषधि केंद्र पर मिल सकती हैं, बशर्ते वे उपलब्ध हों। ये जेनेरिक दवाएं उत्पादक से सीधे रिटेलर तक पहुंचती हैं। जेनेरिक दवाओं के मूल्य निर्धारण पर सरकार का अंकुश होता है, इसलिए वे सस्ती होती हैं। जबकि पेटेंट दवाओं की कीमत कंपनियां खुद तय करती हैं, इसलिए वे महंगी होती हैं।

अभी कुछ साफ नहीं
लाइसेंस नवीनीकरण नहीं होने के कारण ये औषधि केंद्र बंद किए गए हैं। नवीनीकरण होने पर फिर से खोले जा सकेंगे। कब तक यह होगा, अभी कुछ साफ नहीं हुआ है।  - गौतम कपूर, नोडल अधिकारी, जन औषधि केंद्र

बीमारी                    जनऔषधि     मेडिकल स्टोर 
दिल                           22 रुपये     395 रुपये
एलर्जी                         19 रुपये    150 रुपये
ब्लड शुगर                    10 रुपये    110 रुपये 
ब्लड प्रेशर                    15 रुपये    375 रुपये
खांसी                            23 रुपये    125 रुपये
खून की कमी                  19 रुपये    90 रुपये
कोलेस्ट्रॉल                        6 रुपये    70 रुपये 
दर्द                                 9 रुपये    100 रुपये
(10 टेबलेट की मेडिकल स्टोर और जनऔषधि केंद्र की कीमत )

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