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सात परेशानियां हैं तो मरीज को कोविड सेंटर रेफर करें: प्रमुख सचिव

Sun, 22 Nov 2020 02:08 AM IST
मेरठ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

सार

- निजी चिकित्सकों और अस्पतालों में होगी सैंपल लेने की व्यवस्था, तीन सदस्यीय कमेटी गठित
- प्रमुख सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य ने की आईएमए प्रतिनिधियों, निजी डॉक्टर और नर्सिंग होम संचालकों के साथ मेडिकल कालेज में बैठक
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विस्तार
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दो दिन से 101 डिग्री से ऊपर बुखार रहना, 120 से ज्यादा पल्स रेट होना, श्वास गति 30 प्रति मिनट से ज्यादा होना जैसी सात परेशानियां होने पर निजी चिकित्सकों को मरीज को कोविड सेंटर रेफर करना पड़ेगा। साथ ही निजी चिकित्सकों और अस्पतालों में सैंपल लेने की व्यवस्था की जाएगी, इसके लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित की गई है। प्रमुख सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य आलोक कुमार ने शनिवार को आईएमए प्रतिनिधियों, निजी चिकित्सकों और नर्सिंग होम संचालकों के साथ मेडिकल कालेज में बैठक की।
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मरीज का कमजोर होना, 101 डिग्री से ऊपर बुखार रहना, सिस्टोलिक ब्लड प्रेशर 90 से कम होना, श्वास गति 30 प्रति मिनट से ज्यादा होना, ऑक्सीजन स्तर/सेचुरेशन 90 से कम होना और विभिन्न अंगों के अक्रियाशील होना सात परेशानियों के चलते मरीजों को एल-3 अस्पताल के लिए भेजना होगा। प्रमुख सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य ने कहा कि निजी डॉक्टर और नर्सिंग होम संचालक कोरोना नियंत्रण में सहयोग करें।

निजी चिकित्सकों और नर्सिंग होम में कोरोना जांच के सैंपल लेने की व्यवस्था करने और सैंपल को मेडिकल कॉलेज, सुभारती, एनसीआर मेडिकल कॉलेज में भेजा जाए, जिससे 24 घंटे के भीतर रिपोर्ट आ जाए। इसके लिए उन्होंने तीन सदस्यीय कमेटी का गठन करने के निर्देश दिए, जिसमें मुख्य चिकित्सा अधिकारी, प्रधानाचार्य मेडिकल कॉलेज और आईएमए के अध्यक्ष होंगे।
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प्रमुख सचिव ने कहा कि निजी अस्पताल वाले केजीएमयू लखनऊ में ईसीसीएस (इलेक्ट्रॉनिक कोविड केयर सपोर्ट) नेटवर्क जिसके माध्यम से वरिष्ठ चिकित्सक से वर्चुअल संवाद कर किसी भी मरीज के इलाज के संबंध में सलाह लें। जिस भी मरीज को बुखार है या सांस लेने में तकलीफ है, उनकी कोरोना जांच जरूर कराएं। केजीएमयू लखनऊ के डॉ. सूर्यकांत त्रिपाठी ने किस स्थिति में मरीज को मेडिकल कालेज में भेजा जाना है के संबंध में बताया।

एसजीपीजीआई लखनऊ के डॉ. संदीप कुबा ने कहा कि कोरोना मरीज के इलाज में पहले 10 दिन ज्यादा महत्वपूर्ण हैं। इस दौरान कमिश्नर, जिलाधिकारी, अपर निदेशक स्वास्थ्य, सीएमओ, मेडिकल प्रधानाचार्य, आईएमए सचिव आदि रहे।

तीनों चिकित्सकों को किया जाए बहाल: आईएमए
आईएमए अध्यक्ष डॉ. अनिल कपूर ने कहा कि निजी डॉक्टर और अस्पताल प्रशासन कोरोना नियंत्रण में हर संभव सहयोग करेंगे। उन्होंने जिन तीन निजी चिकित्सकों की प्रैक्टिस पर रोक लगाई है उन्हें बहाल करने की मांग की।

उन्होंने कहा कि अगर किसी चिकित्सक के खिलाफ कोई कार्रवाई की जा रही है तो उसे आईएमए के भी संज्ञान में लाया जाए। इससे पहले आईएमए अध्यक्ष, सचिव और नर्सिंग होम एसोसिएशन के अध्यक्ष ने सर्किट हाउस में भी प्रमुख सचिव से वार्ता की।
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