प्रमुख सचिव ने कहा कि निजी अस्पताल वाले केजीएमयू लखनऊ में ईसीसीएस (इलेक्ट्रॉनिक कोविड केयर सपोर्ट) नेटवर्क जिसके माध्यम से वरिष्ठ चिकित्सक से वर्चुअल संवाद कर किसी भी मरीज के इलाज के संबंध में सलाह लें। जिस भी मरीज को बुखार है या सांस लेने में तकलीफ है, उनकी कोरोना जांच जरूर कराएं। केजीएमयू लखनऊ के डॉ. सूर्यकांत त्रिपाठी ने किस स्थिति में मरीज को मेडिकल कालेज में भेजा जाना है के संबंध में बताया।
एसजीपीजीआई लखनऊ के डॉ. संदीप कुबा ने कहा कि कोरोना मरीज के इलाज में पहले 10 दिन ज्यादा महत्वपूर्ण हैं। इस दौरान कमिश्नर, जिलाधिकारी, अपर निदेशक स्वास्थ्य, सीएमओ, मेडिकल प्रधानाचार्य, आईएमए सचिव आदि रहे।
तीनों चिकित्सकों को किया जाए बहाल: आईएमए
आईएमए अध्यक्ष डॉ. अनिल कपूर ने कहा कि निजी डॉक्टर और अस्पताल प्रशासन कोरोना नियंत्रण में हर संभव सहयोग करेंगे। उन्होंने जिन तीन निजी चिकित्सकों की प्रैक्टिस पर रोक लगाई है उन्हें बहाल करने की मांग की।
उन्होंने कहा कि अगर किसी चिकित्सक के खिलाफ कोई कार्रवाई की जा रही है तो उसे आईएमए के भी संज्ञान में लाया जाए। इससे पहले आईएमए अध्यक्ष, सचिव और नर्सिंग होम एसोसिएशन के अध्यक्ष ने सर्किट हाउस में भी प्रमुख सचिव से वार्ता की।