मेरठ के सरधना में सीएचसी के स्टाफ की लापरवाही के मामले कई समय से सामने आ रहे हैं। शुक्रवार को एक गर्भवती के परिजनों ने सीएचसी में लापरवाही का आरोप लगाकर हंगामा कर कि दिया। प्रसूता जिंदगी और मौत से जूझ रही है।
मेरठ के सरधना सीएचसी में आए दिन स्टाफ की लापरवाही के मामले सामने आ रहे हैं। शुक्रवार को एक गर्भवती के परिजनों ने डिलीवरी कराने में लापरवाही का आरोप लगा सीएचसी में हंगामा कि दिया। परिजनों के अनुसार पहले तो स्टाफ ने जच्चा-बच्चा को स्वस्थ बताया। बाद में जच्चा में खून की कमी बताकर जिला अस्पताल रेफर कर दिया। हालत गंभीर होने पर जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज में चिकित्सकों ने भी हाथ खड़े कर दिए। सीएचसी चिकित्सकों की लापरवाही के कारण प्रसूता जिंदगी और मौत के बीच झूल रही है।
प्रसूता के परिजनों ने सीएचसी पर लगाए लापरवाही के आरोप
नगर के मोहल्ला कुम्हारा निवासी कासिफ की पत्नी जोया को 13 जुलाई की रात प्रसव पीड़ा हुई। परिजनों ने गर्भवती को सीएचसी में रात करीब 12 बजे भर्ती कराया। सुबह छह बजे महिला ने बच्चे को जन्म दिया। परिजनों के अनुसार, चिकित्सकों ने जच्चा-बच्चा को स्वस्थ बताया। कुछ देर बाद स्टाफ ने जच्चा में खूनी की कमी बताकर जिला अस्पताल में रेफर कर दिया। वहां पर चिकित्सकों ने हालत गंभीर बताकर मेडिकल कॉलेज भेज दिया। मेडिकल में चिकित्सकों ने लापरवाही से डिलीवरी करने की बात कहकर हाथ खड़े कर दिए। ऐसे में परिजनों ने महिला को एक निजी अस्पताल में भर्ती करा दिया।
परिजनों ने किया हंगामा
परिजनों ने बताया कि डिलीवरी के दौरान गर्भवती को 30 से ज्यादा टांके लगाए गए। रिपोर्ट के अनुसार महिला का हीमोग्लोबिन 2.5 बचा है। जबकि यह उसका पहला बच्चा है। शुक्रवार को परिजन सीएचसी पहुंचे। उनका आरोप है कि सीएचसी प्रभारी ने उनसे बात तक नहीं की। ऐसे में प्रसूता के परिजनों ने सीएचसी में हंगामा कर दिया।
सीएमओ डॉ. अखिलेश मोहन का कहना है कि मामले की जांच कराई जाएगी। यदि किसी चिकित्सक की लापरवाही सामने आती है तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।