मऊ। मिड-डे-मील का खाना बनाकर बच्चों को खिलाने वाली रसोइया की जिले स्तर पर प्रतियोगिता होगी। निर्णायक मंडल में पांच सदस्यीय टीम प्रथम तीन स्थान पाने वाली रसोइया को सम्मानित किया जाएगा। जिले के 1600 सरकारी स्कूलों में अध्ययनरत बच्चों को कुपोषण से बचाने के लिए मिड-डे-मील योजना शुरू की गई है। योजना के तहत जिले में लगभग चार हजार रसोइयों की तैनाती की गई है। सरकारी स्कूलों में मिड-डे-मील के तहत तैनात रसोइयों में अच्छा खाना बनाने की ललक पैदा करने के लिए जिला स्तर पर प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा।
इसमें बीएसए, डीआईओएस, जीजीआईसी की प्रधानाचार्य, गृह विज्ञान के प्रवक्ता/प्रोफेसर, अलग-अलग विद्यालयों के कक्षा पांच से आठ तक दस छात्र-छात्राएं, जनपद में किसी प्रतिष्ठित होटल के कुक, स्वास्थ्य महिला अधिकारी और खाद्य सुरक्षा अधिकारी शामिल होंगे। रसोइया को आवागमन के लिए 250 रुपये प्रति प्रतिभागी दिया जाएगा।
प्रथम तीन स्थान प्राप्त करने वाली रसोइयों को पुरस्कृत किया जाएगा। विभाग की तरफ से प्रतियोगिता में शामिल होने के लिए प्रत्येक ब्लॉक से तीन-तीन रसोइयों का चयन के लिए कवायद शुरू हो गई है। मिड-डे-मील के जिला समन्वयक पीयूष पांडेय ने बताया कि मिड-डे-मील का खाना बनाकर बच्चों को खिलाने वाली रसोइया की जिले स्तर पर प्रतियोगिता होगी। रसोइयों के चयन के लिए खंड शिक्षा अधिकारियों को पत्र भेजा गया है।