नगर पालिका की ओर से तमसा नदी तट पर बनाए जाने वाले तीन पार्कों का प्रस्ताव दो साल बीतने पर भी कागजों में दबा है। इन प्रस्तावों को लेकर ना तो स्वीकृति हुई और ना ही इन फाइलों पर किसी की नजर पड़ रही है। हालात यह है कि नगर क्षेत्र के साढ़े तीन लाख की आबादी पर नगर के बीचोबीच एक भी पार्क नहीं है। ऐसे में इसका अभाव सबसे ज्यादा सुबह के समय टहलने वाले लोगों को हो रहा है।
नगर पालिका परिषद ने दो साल पहले बोर्ड की बैठक में नगर क्षेत्र के सौंदर्यीकरण को लेकर तमसा नदी भीटी पुल के पास विसर्जन घाट, हनुमान घाट तथा मड़ैया घाट को विकसित कर पार्क में तब्दील करने की योजना तैयार की थी। विभागीय सूत्रों की माने तो विसर्जन घाट पर 156.72 लाख रुपयेे, हनुमान घाट पर 127.34 लाख तथा मड़ैया घाट को 176.42 लाख रुपये से विकसित करना था। इन घाटों के निर्माण से जहां इन घाटों से सौंदर्यीकरण को बढ़ावा मिलता तो वहीं नगरवासियों को पिकनिक स्पॉट के रूप में तीन नई जगह की सुविधा मिलती। लेकिन दो वर्ष से अधिक समय बीतने के बाद भी इन तीनों जगहों पर कोई कार्य शुरू होना दूर इनके प्रस्तावों पर चर्चा तक नहीं हुई है। हालात यह है कि अभी तक इस पर कोई कवायद भी शुरू नहीं हुई। ऐसी ही स्थिति नगर पालिका द्वारा नगर के निजामुद्दीनपुरा मुहल्ले में तालाब बेस्ड थीम पार्क की है। बजट के अभाव मे तीन वर्ष से अधिक समय से बन रहा यह पार्क अब तक केवल दस फीसदी ही बन सका है।
नगर पालिका द्वारा प्रस्तावित पार्को को बनाया गया होता तो तमसा नदी किनारे बने यह पार्क में आने वाले नगरवासी प्राकृतिक छटा का आनंद ले पाते। साथ ही लोग प्रदूूषित नदी को साफ करने को लेकर भी जागरूक होते। लेकिन बोर्ड बैठक में सिर्फ प्रस्ताव ही बन सका इस पर कार्य होना तो दूर की कौड़ी रही। नगर पालिका चेयरमैन के परिषद तैयब पालकी ने कहा की पार्क का प्रस्ताव बनाया जा चुका है। संक्रमण के चलते इसको लेकर शासन ने अब तक बजट भी अवमुक्त नहीं किया है। बजट मिलने के बाद कार्य शुरू कर दिया जाएगा।