मुहम्मदाबाद गोहना। निजी स्कूलों की तर्ज पर प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में अंग्रेजी माध्यम से शिक्षा दिए जाने कि शासन की मंशा जनपद में पूरी तरह से फ्लॉप नजर आ रही है। नया शिक्षा सत्र शुरू हो चुका है, लेकिन मुहम्मदाबाद गोहना शिक्षा क्षेत्र में अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई के लिए चयनित कुल 15 परिषदीय विद्यालयों में शिक्षकों की पर्याप्त संख्या न होने और कुछ में केवल खानापूर्ति होने से योजना सफल नहीं हो रही है। बच्चों को गुणवत्तापरक शिक्षा न मिलने से अभिभावक अपने बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित हैं। सब कुछ जानकर विभागीय अधिकारी हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं।
मुहम्मदाबादगोहना ब्लाक में चार कंपोजिट विद्यालय और 11 प्राथमिक विद्यालयों में अंग्रेजी माध्यम से शिक्षा दिए जाने के किए चयनित किए गए हैं। लेकिन इसके लिए विभागीय तैयारी न होने से इन विद्यालयों में अंग्रेजी माध्यम की शिक्षा केवल कागजों में सिमट कर रह गई है। ब्लॉक के चार कंपोजिट विद्यालयों में ग़ालिबपुर, बनियापार, मुहम्मदाबाद गोहना और नगदोपुर के अतिरिक्त एक मात्र खलिसा उच्च प्राथमिक विद्यालय को योजना के लिए चयनित किया गया है। इसके अतिरिक्त 10 प्राथमिक स्कूल जिसमें नगपुर, खलिसा, चकजाफ़री, शमसाबाद, नरोनी, देवलास, कोठिया, देवसीपुर, चालीसवां और ढोलना को योजना में शामिल किया है। इन स्कूलों में अंग्रेजी माध्यम की शिक्षा के लिए योग्य शिक्षकों की नियुक्ति के लिए 2019 में विभागीय परीक्षा के माध्यम से चयन भी किया गया लेकिन बाद में अधिकांश चयनित शिक्षकों द्वारा पदभार ग्रहण न किए जाने से इन स्कूलों में शिक्षकों का मानक पूरा नहीं हो सका है। शासनादेश के अनुसार प्राथमिक विद्यालय में कम से कम पांच और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में तीन अध्यापक और एक प्रधानाध्यापक की नियुक्ति होना जरूरी है। इससे इतर ब्लाक के चार कंपोजिट स्कूलों में से गालिबपुर के जूनियर में मात्र दो और प्राथमिक में चार अध्यापक, बनियापार उच्च प्राथमिक विद्यालय में एक और प्राथमिक में चार अध्यापक नियुक्त हुए हैं। दूसरी तरफ मुहम्मदाबाद गोहना और नगदोपुर कंपोजिट विद्यालय पर एक भी अध्यापक नियुक्त नहीं है। इसी प्रकार अंग्रेजी माध्यम के लिए चयनित प्राथमिक विद्यालयों में नगपुर में दो चकजाफरी में एक, शमशाबाद में एक नरौनी में तीन देवलास में तीन कोठिया में चार चालीसवां में एक खलिसा में एक ढोलना में दो और देवसीपुर में एक भी अंग्रेजी माध्यम का शिक्षक नियुक्त नही है। इस प्रकार अध्यापकों का मानक पूरा न होने और योजना के लिए विभाग द्वारा कोई खास प्रयास न किए जाने से सरकारी स्कूलों में अंग्रेजी माध्यम की शिक्षा की योजना पूरी तरह से फेल हो गई है।
जिन स्कूलों को अंग्रेजी माध्यम से शिक्षा देने की योजना में शामिल किया गया है। वहां पर नियुक्त शिक्षकों के माध्यम से अंग्रेजी माध्यम की शिक्षा दी जा रही है। अध्यापकों की कमी वाले स्कूलों में नियुक्ति के लिए उच्चाधिकारियों को पत्र भेजा गया है। - रवि प्रकाश, खंड शिक्षा अधिकारी, मुहम्मदाबादगोहना