मऊ। डीजल-पेट्रोल की बेतहाशा वृद्धि को देखते हुए लोग तेजी से सीएनजी अपनाने लगे हैं। पेट्रोल और डीजल के मुकाबले सीएनजी काफी सस्ती है। इस कारण पिछले कुछ महीनों से सीएनजी की खपत भी लगातार बढ़ती जा रही है। सीएनजी कारें व सीएनजी किट की मांग बढ़ गई है। जिसे लेकर परिवहन विभाग भी वाहनों में सीएनजी किट लगाने जाने पर जोर दे रहा है। इसके तहत जिले में सीएनजी फिटनेस केंद्र खोले जाने की तैयारी चल रही है। विभाग द्वारा लाइसेंस मिलते ही जिले में अधिकृत केंद्र खुल जाएगा।
इस कवायद के बाद यातायात विभाग द्वारा अधिकृत एजेंसी जिले में वाहनों में लीगल तरीके से सीएनजी और एलपीजी किट वाहनों में लगाने के साथ उन्हें बेच भी सकेंगी। इसके लिए जनपद से परिवहन विभाग में एक एजेंसी ने आवेदन किया है। जिसकी जांच पड़ताल विभाग द्वारा की जा रही है। हालांकि पेट्रोल से चलने वाले वाहनों की माइलेज सीएनजी की अपेक्षा काफी कम है। जहां पेट्रोल वाहन एक लीटर में 20 किलोमीटर का माइलेज देती हो तो वहीं सीएनजी से चलने वाला वाहन 30 किलोमीटर प्रति किलो की माइलेज तक दे सकती है। एआरटीओ रमेश चंद्र श्रीवास्तव ने आजमगढ़ बताया कि जिले से एक एजेंसी ने आवेदन किया है। जिसकी जांच पड़ताल की जा रही है। मानकों की जांच की जा रही है, प्रक्रिया पूरी होते ही विभाग द्वारा लाइसेंस दिया जाएगा। लाइसेंस मिलने के बाद ही एजेंसी सीएनजी किट फिट करने के साथ उनकी बिक्री लीगल तरीके से कर सकेगी। बिना विभाग द्वारा अधिकृत किसी भी एजेंसी या शॉप से सीएनजी तथा एलपीजी किट नहीं लगवाना लीगल नहीं है।
एआरटीओ रमेश चंद्र श्रीवास्तव ने बताया पंजीकृत एजेंसी से सीएनजी किट लगवाने के बाद वाहन स्वामियों को गाड़ी की आरसी पर दर्ज कराना अनिवार्य है। आरसी पर वाहन में सीएनजी किट लगे होने की सूचना दर्ज कर दी जाती है। परिवहन विभाग में दर्ज कराए बिना वाहन सड़क पर नहीं चलाए जा सकते हैं। ऐसे करने वाले वाहन स्वामियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाती है।