मऊ जिले के कई परिषदीय विद्यालयों में फल का वितरण बच्चों में नहीं हो पा रहा है। शासन की तरफ से प्रत्येक सोमवार को मौसमी फल वितरण का निर्देश दिया गया है। इसके लिए बाकायदा प्रति सोमवार प्रति छात्र चार रुपये की धनराशि भी मिलती है। इसके बावजूद फल वितरण योजना कई विद्यालयों में संचालित नहीं हो रही है। परिषदीय विद्यालयों में प्रार्थना के समय ही फल वितरित करने का आदेश है।
जिले में 1060 प्राथमिक तथा 442 उच्च प्राथमिक विद्यालयों में 1.56 लाख बच्चे अध्ययनरत हैं। रविवार को अवकाश के बाद विद्यालयों में शत प्रतिशत उपस्थिति के लिए शासन की तरफ से विद्यालयों में अध्ययनरत प्रत्येक बच्चों को फल का वितरण किया जाना है। विभाग की तरफ से प्रति बच्चे चार रुपये की दर से बजट का आवंटन भी किया जाता है। कई परिषदीय विद्यालयों में फल का वितरण किया ही नहीं जा रहा है। जबकि जहां वितरण हो भी रहा है। वहां खानापूर्ति कर दी जा ही है। अभिभावकों की शिकायत के बाद भी अधिकारी हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं। क्षेत्र के अधिकांश परिषदीय विद्यालयों में फल का वितरण नहीं हो रहा है। जबकि कागज में फल का वितरण हो रहा है। बच्चे मायूस होकर लौट आ रहे हैं।
पिपरीडीह क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय पहाड़पुर, प्राथमिक विद्यालय खरगजेपुर में बच्चों को केला का वितरण किया गया। प्राथमिक विद्यालय पहाड़पुर में 164 के सापेक्ष 90 बच्चों की उपस्थिति रही। जबकि प्राथमिक विद्यालय खरगजेपुर में 86 के सापेक्ष 75 बच्चों की उपस्थिति रही। इस बाबत बीएसए डॉ. संतोष कुमार सिंह परिषदीय विद्यालयों में फल वितरण की जांच कराई जाएगी। टीम गठित कर स्कूलों में औचक निरीक्षण भी कराया जाएगा।गड़बड़ी मिलने पर संबंधित विद्यालय के प्रधानाध्यापक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।