इसके साथ ही उन्होंने बिजली बिल 2020 को वापस लेने की मांग दोहराई। अतुल अंजान ने आह्वान किया कि सोमवार को लखनऊ महापंचायत को सफल बनाएं। 28 नवंबर को सारे देश में मशाल जुलूस निकालकर तीन कृषि कानूनों सहित बिजली बिल की वापसी, लेबर कोड की वापसी तथा सभी कृषि उत्पाद के न्यूनतम समर्थन मूल्य की कानूनी गारंटी की मांग करेंगे। 29 नवंबर को किसान टिकरी बॉर्डर से ट्रैक्टरों के माध्यम से संसद की ओर कूच करेंगे और वहां सरकार को अपना ज्ञापन सौंपेंगे।
फिल्म निर्माता कृष्णा मिश्रा के पुत्री की शादी में शामिल होने के लिए राजस्थान के राज्यपाल कलराज मिश्र शनिवार को भदोही पहुंचे थे। यहां मीडिया से बात करते हुए कृषि कानूनों को लेकर सरकार के निर्णय को सराहा। कहा कि सरकार कानून के संबंध में समझाने की कोशिश की लेकिन किसान आंदोलित थे।
वह इस बात पर अडिग थे कि तीनों कानून को वापस लिया जाए। अंत में सरकार को लगा कि इसे वापस ले लेना चाहिए। यदि फिर दोबारा इस संबंध में कानून बनाने की आवश्यकता पड़ी तो बनाया जाएगा। केंद्रीय सरकार ने तीनों कानून को किसानों के हित को ध्यान में रखते हुए बनाई थी। बताया कि सरकार ने कानून के संबंध में सकारात्मक तरीके से समझाने की कोशिश की लेकिन किसान मानने को तैयार नहीं थे।
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