मऊ। नगर के कई रिहायशी इलाकों में जर्जर विद्युत पोल तथा खुला स्वीच बोर्ड हादसों को दावत दे रहे हैं। आबादी के बीच स्थित पोल गिरे तो बड़ा हादसा हो सकता है। बिजली विभाग के आला अधिकारी जानकर भी अनजान बने हुए हैं। शायद किसी हादसे का इंतजार कर रहे हैं। हादसों से बचाव के लिए जर्जर बिजली के खंभों को बदलने की जहमत तक नहीं उठाई जा सकी है। नगर सहित जिले के विभिन्न इलाकों में बेहतर विद्युत आपूर्ति व्यवस्था के लिए तीन डिवीजन बनाए गए हैं। बिजली विभाग की तरफ से हर माह उपभोक्ताओं से बिजली बिल की वसूली को लेकर खूब कवायद की जाती है। लेकिन बिजली समस्या को चुस्त दुरुस्त करने को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया सका है। नगर के बम घाट, मुंशीपुरा, सहादतपुरा सहित विभिन्न रिहायशी इलाकों में कई जगहों पर लगे खंभे जर्जर हो चुके है। तार बंधे होने के कारण ही यह खंभे अभी तक खड़े हैं। तेज हवा, फाल्ट में तार टूटने पर कभी भी ये खंभे गिर सकते हैं। नगर के निजामुद्दीनपुरा मुहल्ले में खुले में स्विच बोर्ड के पास बच्चे खेलते रहते हैं इससे बच्चों की सुरक्षा को लेकर मुहल्लेवासी दहशत में जी रहे हैं। यही नहीं कई स्थानों पर बांस के सहारे विद्युत आपूर्ति की गई है। इससे बड़े वाहनों के गुजरने के चलते दुर्घटना का खतरा बढ़ गया है।
इस संबंध में नगर क्षेत्र के रामकुमार सिंह, जयप्रकाश वर्मा, श्रीकांत सिंह का कहना था कि विभागीय अधिकारियों को शिकायती पत्र दिया गया, लेकिन हादसों से बचाव के लिए जर्जर बिजली के खंभों को अभी तक नहीं बदला जा सका है। इस बाबत विद्युत वितरण खंड प्रथम के अधिशासी अभियंता सुबोध कुमार का कहना था कि जर्जर पोल को चिंह्नित कर लिया है। योजना के तहत चयन होने पर जर्जर पोल को बदल दिया जाएगा।
बांस के पोल के सहारे हो रही विद्युत आपूतिर्
मऊ। नगर क्षेत्र के नरजा पेट्रोल पंप के पास ताजोपुर गांव में बांस के पोल से विद्युत आपूर्ति आपूर्ति की गई है। तार काफी नीचे तक लटक गए हैं। इससे वाहनों के गुजरने के दौरान हादसा होने की संभावना रहती है। शिकायत के बाद भी आश्वासन के सिवाय कुछ भी हासिल नहीं हो सका है।