मऊ। अभी चार दिन पहले ही वित्तीय अनियमितता में बड़रांव ब्लाक और रानीपुर ब्लाक के दो सेक्रेटरियों को निलंबित किया गया है। लेकिन सचिवों द्वारा वित्तीय अनियमितता के कारनामों का सिलसिला जारी है। कोपागंज ब्लाक के फतहपुर ग्राम पंचायत में बिना टेंडर और बिना वित्तीय और प्रशासनिक स्वीकृति के ही लगभग दस लाख रुपयों की वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आया है। ये सभी अनियमितताएं पहली जुलाई से लेकर 15 जुलाई के बीच की गई हैं।
फतेहपुर गांव के सेक्रेटरी ने गांव के पिच रोड से राम वृक्ष के घर तक नाली निर्माण और पटिया के नाम पर 56489 रुपये निकाल लिया है। जबकि सीमेंटेड बेंच के नाम पर एक लाख 96 हजार सात सौ रुपये निकाले गए हैं । स्ट्रीट लाइट के नाम पर एक लाख 99 हजार 900 रुपये निकाले गए हैं। वाटर सप्लाई और मरम्मत के नाम पर दो लाख 60 हजार 845 रुपये का भुगतान ले लिया गया है। विकास कार्य एवं मरम्मत के नाम पर एक लाख 98 हजार 600 रुपये निकाले गए हैं।
विकार्य कार्य एवं स्वास्थ्य सेवाओं के नाम पर 49 हजार 689 रुपये निकाले गए हैं। स्वयं सहायता समूहों को भुगतान के नाम पर 27 हजार रुपये निकाले गए हैं। इस प्रकार कुल नौ लाख 92 हजार 214 रुपये पहली जुलाई से लेकर 15 जुलाई के बीच निकाले गए हैं। ये सारे भुगतान दो अलग अलग निर्माण कंपनी के नाम पर किए गए हैं। गांव के लोगों का कहना है कि गांव में अभी तक न तो स्ट्रीट लाइट लगी हैं और न ही सीमेंटेड बेंच आदि। गांव में वाटर सप्लाई का कोई काम ही नहीं किया गया है। अतिरिक्त मजिस्ट्रेट अजय कुमार गौतम ने बताया कि शिकायत आने पर इस प्रकरण की जांच समिति गठित करके कराई जाएगी और जो भी दोषी मिलेगा उसके विरुद्ध विधि संगत प्रभावी कार्रवाई की जाएगी जिससे आगे कोई ऐसा कृत्य करने का साहस न कर सके।