उत्तर प्रदेश के मैनपुरी में पिता के छोड़ने के बाद एक बेटी ने अपनी शादी करने और भरण पोषण के लिए पिता से खर्च की मांग की है। इसके लिए उसने अदालत का दरवाजा खटखटाया। सुनवाई के दौरान प्रधान न्यायाधीश ने मामला समझौता कराने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सुलह एवं समझौता केंद्र में भेज दिया। सुलह एवं समझौता केंद्र में सुनवाई के लिए दो जून की तारीख तय की गई है।
करिश्मा ननिहाल में रहकर पढ़ाई कर रही है। उसने 27 जुलाई 2016 को प्रधान न्यायाधीश पारिवारिक न्यायालय में अपने पिता से भरण पोषण के लिए हर महीने दस हजार रुपया और शादी करने के लिए एकमुश्त 15 लाख रुपये की मांग की। इस पर सुनवाई करते हुए प्रधान न्यायाधीश पारिवारिक न्यायालय गुलाम उल मदार ने मामला समझौता कराने के लिए सुलह एवं समझौता केंद्र में भेजा है। सुलह एवं समझौता केंद्र में सुनवाई के लिए दो जून की तारीख तय की गई है।
रनवीर की पत्नी रीता देवी ने भी अपने और दोनों बच्चे आशीष, काजल के लिए भरण पोषण मांगा है। प्रधान न्यायाधीश पारिवारिक न्यायालय में दायर किए गए मुकदमे में रीता देवी ने तीनों के लिए हर महीने दस-दस हजार रुपये भरण पोषण के लिए अपने पति रनवीर सिंह से दिलाने की मांग की है। प्रधान न्यायाधीश ने रीता देवी का मुकदमा भी समझौता कराने के लिए सुलह एवं समझौता केंद्र में भेज दिया है। इस मुकदमे में भी दो जून की तारीख तय की गई है।