महोबा। दस साल पुराने मारपीट के एक मामले में अपर सत्र न्यायाधीश द्वितीय संदीपा यादव ने गुरुवार को फैसला सुनाया। दोष सिद्घ होने पर तीन दोषियों को दो-दो वर्ष की कैद व ढाई-ढाई हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई। जुर्माना अदा न करने पर 15-15 दिन की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी।
थाना श्रीनगर के सिजवाहा गांव निवासी रामचरण अहिरवार व उसका भाई पलटू 19 जून 2011 की दोपहर समारोह के लिए गद्दे और तकिया ट्रैक्टर पर लाद रहे थे। तभी गांव के काशी प्रसाद, उसका भाई सोहन राजपूत व जयवर्धन पहुंच गए। जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए पलटू पर लाठी व कुल्हाड़ी से हमला कर दिया। जिससे वह घायल हो गया। बाद में आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए भाग निकले। घायल के भाई रामचरन ने घटना के अगले दिन थाना श्रीनगर में रिपोर्ट दर्ज कराई।
एडीजे द्वितीय संदीपा यादव ने मामले की सुनवाई के बाद फैसला सुनाया। मुकदमे की पैरवी कर रहे विशेष लोक अभियोजक (एससी/एसटी एक्ट) प्रमोद पालीवाल ने बताया कि मुकदमे में अभियोजक की ओर से पांच गवाह पेश किए गए। अभियुक्त काशीप्रसाद, सोहन राजपूत व जयवर्धन को दो-दो वर्ष के कारावास की सजा सुनाई गई। साथ ही जुर्माना लगाया गया।