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उज्ज्वला 2.0: पीएम मोदी ने किया वर्चुअल शुभारंभ, प्रधानमंत्री ने लाभार्थियों से परखी हकीकत

Tue, 10 Aug 2021 07:25 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, महोबा

सार

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गरीबों के लिए उज्ज्वला 2.0 का शुभारंभ करने पर प्रधानमंत्री का धन्यवाद करते हुए बताया कि उत्तर प्रदेश के 1.5 करोड़ लोगों को योजना का लाभ मिल चुका है।
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पीएम मोदी ने उज्ज्वला 2.0 का महोबा से किया वर्चुअल शुभारंभ - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को वीडियो कांफ्रेसिंग से उज्ज्वला 2.0 का महोबा से शुभारंभ किया, इसके लिए पुलिस लाइन ग्राउंड में आयोजित कार्यक्रम में सीएम योगी आदित्यनाथ ने जिले की दस महिला लाभार्थियों को मुफ्त एलपीजी कनेक्शन, एक सिलिंडर और चूल्हा प्रदान किया।
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कार्यक्रम से वर्चुअल पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी, राज्यमंत्री रामेश्वर तेली और हमीरपुर-महोबा सांसद कुंवर पुष्पेंद्र सिंह चंदेल भी जुड़े। प्रधानमंत्री ने कार्यक्रम में महोबा की किसी भी महिला लाभार्थी से बात नहीं की। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गरीबों के लिए उज्ज्वला 2.0 का शुभारंभ करने पर प्रधानमंत्री का धन्यवाद करते हुए बताया कि उत्तर प्रदेश के 1.5 करोड़ लोगों को योजना का लाभ मिल चुका है।

29 लाख महिलाओं को पेंशन मिल रही है। बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे 70 फीसदी तक बन चुका है। नवंबर तक यह तैयार हो जाएगा। डिफेंस कॉरिडोर के क्षेत्र में झांसी में तीन हजार एकड़ और चित्रकूट में 150 एकड़ जमीन में निवेश की प्रक्रिया कर इसे एक्सप्रेसवे से जोड़ा जा रहा है।
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इसके अलावा कानपुर, अलीगढ़, लखनऊ, आगरा में इस क्षेत्र में कार्य किया जा रहा है। यह भी कहा कि बुंदेलखंड में तालाबों से जल संचयन हो रहा है। ललितपुर और चित्रकूट में एयरपोर्ट की जल्द सौगात मिलेगी। लोक निर्माण मंत्री चंद्रिका उपाध्याय, प्रभारी मंत्री जीएस धर्मेश, सदर विधायक राकेश गोस्वामी, चरखारी विधायक बृजभूषण राजपूत, पूर्व सांसद गंगा चरण राजपूत, जिलाध्यक्ष जितेंद्र सिंह सेंगर, चेयरमैन दिलाशा सौरभ तिवारी, सहकारी बैंक अध्यक्ष चक्रपाणि त्रिपाठी, जिला पंचायत अध्यक्ष जेपी अनुरागी, बीपीसीएल चेयरमैन के पद्माकर, डायरेक्टर रिफाइनरिंग पीएस रवि आदि भाजपा कार्यकर्ता मौजूद रहे।

मोदी ने पूछा जब घर में गैस नहीं थी तो जीवन कैसा था
उज्ज्वला-2.0 के शुभारंभ अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पांच प्रांतों की पांच लाभार्थियों से वर्चुअली संवाद किया। इससे मिले लाभ और होने वाली दिक्कतों से छुटकारा मिलने की जानकारी ली। पीएम मोदी ने उत्तराखंड के देहरादून की लाभार्थी महिला बूंदी देवी से पूछा, बताइए जब घर में गैस नहीं थी तो जीवन कैसा था, उज्ज्वला से क्या लाभ हुआ है।

इस पर बूंदी देवी ने कहाकि जब यह योजना नहीं थी तो मैं जंगल से लकड़ी लाती थी। आंखों से आंसू निकलते थे। कई बार खाना नहीं बनता था। मैं बहुत परेशान होती थी। मैं आपका धन्यवाद करती हूं। पीएम ने पूछा बूंदी जी आपने अभी तक 22 सिलिंडर रिफिल करवाए हैं, आप ने इस योजना का पूरा लाभ उठाया है।

क्या आप ने किसी को बताया कैसे इस योजना का लाभ ले सकते हैं। बूंदी ने बताया कि मैंने सबको बताया है कि इस योजना का लाभ कैसे ले सकते हैं। पीएम ने पूछा कि बूंदी जी आप अपने पिता की इतनी सेवा करती हैं। मैं आपको प्रणाम करता हूं कि आप ने इस बात को झुठला दिया कि सिर्फ बेटे ही माता-पिता की सेवा करते हैं। आप ने इस बात को गलत साबित किया है। आप पूरे देश के लिए प्रेरणा हैं।

पीएम ने गोवा की एकता चोपड़ेकर से पूछा कि एकता जी, आप गैस का कनेक्शन इस्तेमाल कर रही हैं आप को धुएं से राहत मिली है। अब कैसा लगता है। एकता ने बताया कि यहां बारिश की वजह से लड़कियां जंगल में सूखी नहीं मिलती थी। जिससे बहुत दिक्कत होती थी। धुआं से खांसी की एलर्जी होती थी। इस योजना के लाभ से खाना जल्दी बन जाता है। बचा हुआ समय बच्चों को देती हूं।

मोदी ने अमृतसर की आशा से पूछा कि परिवार में कौन-कौन हैं। उज्ज्वला योजना के तहत गैस कनेक्शन लेने में क्या मुसीबत आई। चक्कर तो नहीं काटने पड़े। जिस पर आशा ने बताया कि परिवार में पति व दो बच्चे हैं। दोनों बच्चे स्कूल जाते हैं। पहले बाजार से लकड़ियां लानी पड़ती थीं और खाना में अधिक समय लगता था। अब खाना जल्दी बन जाता है। जिससे परिवार व बच्चों का ज्यादा ध्यान व समय देती हैं।
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प्रधानमंत्री ने यूपी के गोरखपुर से किरन देवी से पूछा किरन जी, आप ने अपने साथ किसे बिठाया है। तो उन्होंने कहा कि यह मेरी बेटी साधना है। पीएम ने पूछा कि परिवार में कौन-कौन हैं और क्या काम करते हैं। गैसे मिलती है इस बात का पता कैसे चला। जिस पर किरन देवी ने बताया कि गांव में कैंप लगाकर गैस कनेक्शन के बारे में बताया गया था। पीएम ने पूछा बेटी पढ़ लिख रही है तो आप उसे खाना बनाना भी सिखाती होंगी। इस पर किरन ने कहा कि जी सिखाती हूं जब गैस खत्म हो जाती है तो वो खाना बनाने के लिए तैयार नहीं होती है। पीएम ने किरन की बेटी साधना से बात की और खेलकूद में हिस्सा लेने की जानकारी ली।

मध्यप्रदेश के भोपाल की लाभार्थी सुनीता वैष्णव से पूछा कि उन्होंने कनेक्शन कब लिया था। नियमित सिलिंडर मिलता है या नहीं। इस पर सुनीता ने बताया कि सितंबर 2018 में कनेक्शन लिया था। वह सिलाई का काम भी करतीं हैं। पहले चूल्हे से खाना बनाने में समय ज्यादा लग जाता था। अब सिलाई के लिए भी अधिक समय मिलता है। कोरोना काल में तीन माह मुफ्त सिलिंडर मिला। जिससे खासी राहत पहुंची।
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