महोबा। उर्मिल बांध में कम पानी होने से बांध से जुड़ी माइनर के किसानों को रबी की फसल के लिए इस वर्ष सिंचाई सुविधा नहीं मिलेगी। जबकि अर्जुन सहायक परियोजना से जुड़े अर्जुन बांध, चंद्रावल बांध और कबरई बांध से किसानों को भरपूर सिंचाई को पानी मिलेगा। 16 नवंबर से नहरों का संचालन किया जाएगा।
जिले में हुई कम बारिश और उत्तर प्रदेश मध्य प्रदेश के जल बंटवारे के बाद उपलब्ध उर्मिल बांध के पानी से किसानों को रबी की फसल की सिंचाई सुविधा देने से महकमे ने हाथ खड़े कर दिए हैं। अधिकतम 231,40 मीटर पानी की क्षमता के सापेक्ष मध्य प्रदेश के बंटवारे बाद हिस्से में आया 14,49 मीटर पानी मिलने से संकट खड़ा हो गया है। उर्मिल बांध से ही महोबा शहर और श्री नगर को पेयजल आपूर्ति होती है।
सिंचाई विभाग के अभियंता संजय प्रसाद ने सोमवार को निर्देश जारी किया। बताया की रबी की फसल के लिए किसानों को सिंचाई के लिए पानी नहीं मिल पाएगा। उपलब्ध पानी पेयजल आपूर्ति के लिए आरक्षित किया गया है। उन्होंने किसानों को बगैर सिंचाई सुविधा की फसल चना, मटर, जो, अलसी , लाही की बुवाई करने का सुझाव दिया है। उन्होंने बताया की मझगांव बांध, अर्जुन बांध, चंद्रावल, कबरई बांध में क्षमता अनुसार पर्याप्त पानी का भंडारण है। जिससे 16 नवंबर से संबंधित रजबहा की माइनर चालू हो जाएगी।