जंगल में झोपड़ी बनाकर रहते वृद्घ माता-पिता।
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पनवाड़ी (महोबा)। थाना पनवाड़ी के नगाराघाट गांव में कलयुगी पुत्र ने वृद्घ मां-बाप को पीटकर घर से निकाल दिया। 15 दिन से दंपती जंगल में झोपड़ी बनाकर रहने को मजबूर है। चौकी से लेकर थाना व तहसील समाधान दिवस में शिकायत की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। वृद्ध दंपती की हालत देखकर ग्रामीण उनके खाने-पीने की व्यवस्था कर रहे हैं।
नगाराघाट गांव निवासी 85 वर्षीय कालका राजपूत 15 बीघा भूमि में खेती-किसानी करता है। वृद्धावस्था के चलते उसने बेटे के नाम जमीन कर दी थी। इसके बाद से पुत्र पूरन व बहू राजेंद्र कुमारी वृद्घ मां-बाप को प्रताड़ित करने लगे। एक पखवारे पहले बेटे ने मां-बाप खाना देने से इनकार कर दिया और मारपीट करते हुए घर से बाहर निकाल दिया। दोबारा घर में कदम रखने पर अंजाम भुगतने की धमकी दी। उत्पीड़न से परेशान दंपती ने नगाराघाट चौकी, थाना व तहसील दिवस में शिकायत की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। जिसे वृद्ध दंपती जंगल में झोपड़ी बनाकर रहने को मजबूर है।
वृद्घ कालका राजपूत ने बताया कि बेटे-बहू ने उन्हें कई दिन खाने को नहीं दिया। कई बार आरजू-मिन्नत की लेकिन उनका दिल नहीं पसीजा। बताया कि ग्रामीण आटा, चावल व सब्जी दे जाते हैं। जिससे वह अपनी गुजर-बसर कर रहे हैं। जंगल में दिनरात उन्हें जंगली जानवरों का डर सताता रहता है।