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दहेज अभिशाप है: छह लाख रुपये ठुकराए, वर ने एक चांदी का सिक्का उठाया और कहा आपने बेटी दे दी है, यह क्या कम है

Wed, 13 Oct 2021 10:13 PM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, महोबा

सार

छतरपुर निवासी सृजन द्विवेदी की शादी चरखारी के जयेंद्र नगर निवासी रहने वाले विपिन बिहारी चौबे की बेटी अंशिका के साथ तय हुई। विपिन बिहारी महोबा में कानूनगो के पद पर कार्यरत हैं। वर यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में सहायक मैनेजर है।
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रिंग सेरेमनी कार्यक्रम में वर-वधू - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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दहेज अभिशाप है...। इस कुरीति पर छतरपुर के सृजन द्विवेदी ने प्रहार कर मिसाल कायम की है। उन्होंने चरखारी के जयेंद्र नगर निवासी अंशिका के साथ सगाई की और ससुर ने जब दहेज में रूप में लाखों रुपये दिए तो उसे लौटा दिया, कहा- दुल्हन ही दहेज है।

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छतरपुर निवासी सृजन द्विवेदी की शादी चरखारी के जयेंद्र नगर निवासी रहने वाले विपिन बिहारी चौबे की बेटी अंशिका के साथ तय हुई। विपिन बिहारी महोबा में कानूनगो के पद पर कार्यरत हैं। वर यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में सहायक मैनेजर है। पिता विद्युत विभाग में कार्यालय अधीक्षक पद से सेवानिवृत्त हैं। 

सगाई को लेकर शहर के एक गेस्ट हाउस में कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें अंशिका के पिता ने छह लाख रुपयों से भरा बैग सिक्के सौंपे। इस पर वर ने शगुन के तौर पर एक चांदी का सिक्का उठाया और कहा आपने बेटी दे दी है, यह क्या कम है’ दुल्हन ही दहेज है। इतना सुनते ही कन्या के पिता की आंख भर आईं और होने वाले दामाद को सीने से लगा लिया।

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