किशनपुर सेंक्चुरी के मड़हा जंगल में डाला डेरा
बांकेगंज (लखीमपुर खीरी)। पांच दिन बाद नेपाली हाथियों का झुंड मोहम्मदी रेंज से लौटकर मैलानी रेंज होते हुए एक बार फिर किशनपुर सेंक्चुरी के मड़हा वन ब्लॉक में जा पहुंचा है।
शुक्रवार की रात इन हाथियों ने मैलानी रेंज की भरिगवां बीट के खेतों में उत्पात मचाया। वन विभाग की निगरानी टीमें मड़हा और जटपुरा बीट के आसपास डटी हुईं हैं। मड़हा जंगल के आसपास बसे जटपुरा, पहाड़नगर, महोलिया, सोहनरा भूड़, खंजनपुर आदि गांवों के किसानों को खेतों में खड़ी गन्ना और धान की फसल को बचाने की चिंता होने लगी है।
मोहम्मदी रेंज से निकला हाथियों का दल दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन की मैलानी रेंज के रास्ते होते हुए किशनपुर सेंक्चुरी के मड़हा वन ब्लॉक आ पहुंचा है। हाथियों की निगरानी के लिए टीमें लगा दी गईं हैं। करीब 15 से 20 हाथी हैं। - कैलाश प्रकाश, उपनिदेशक, दुधवा नेशनल पार्क
उत्पात मचाने के बाद मैलानी के जंगल में लौटे हाथी
ममरी। मोहम्मदी रेंज की महेशपुर और देवीपुर बीट जंगल के आसपास पांच दिन उत्पात मचाने और किसानों की फसलें बर्बाद करने के बाद नेपाली हाथियों का झुंड शुक्रवार रात वापस मैलानी जंगल चला गया। इससे वनकर्मियों ने राहत महसूस की।
रेंजर मोबीन आरिफ ने बताया कि महेशपुर, देवीपुर बीट के जंगल में पांच दिन प्रवास के दौरान हाथियों ने किसानों की बीसों एकड़ गन्ना और धान की फसल बर्बाद कर दी। किसानों की फसलों को नुकसान का आंकलन कर उसका मुआवजा दिया जाएगा।
मोहम्मदी। हाथियों का झुंड वापसी करते समय 24 सितंबर देवीपुर बीट तालाब झाबर में इकट्ठा हुआ। इस पर परवस्त नगर मौठी खेड़ा के ग्रामीणों ने पटाखे चलाए। तब हाथियों ने अपना रास्ता बदला। हाथियों ने कई किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचाया है। शुक्रवार को 11 बजे रात को सुंदरपुर फाटक से फसलों को रौंदते हुए अयोध्यापुर और गंगापुर के दक्षिण होते हुए सहजनिया बीट के जंगल में चले गए और खुटार मार्ग की ओर रवाना हो गए।