आधी-अधूरी किस्त से तीन माह का मिल सकेगा मानदेय
लखीमपुर खीरी। रसोइयों को छह माह से बकाया मानदेय नहीं मिला है। रसोइयों में पनपे आक्रोश को देखते हुए शासन ने रसोइयों को मानदेय भुगतान के लिए पहली किस्त जारी कर दी है। इसमें चार करोड़ छह लाख 94002 रुपये का बजट मिला है, जिससे तीन महीने का मानदेय दिया जा सकेगा।
जनपद के परिषदीय स्कूलों में कुल 10370 रसोइया कार्यरत हैं, जिनके कंधों पर पांच लाख से अधिक बच्चों को भोजन पकाकर खिलाने की जिम्मेदारी है। इसके बदले प्रत्येक रसोइया को प्रतिमाह 1500 रुपये मानदेय मिलता है, जिसमें वह अपने परिवार का खर्चा चलाते हैं। इस शिक्षा सत्र में एक बार भी रसोइया को मानदेय देने के लिए बजट जारी नहीं किया गया था। इससे अप्रैल से सितंबर 2021 तक छह माह का मानदेय बकाया हो चुका है। दिवाली से पहले मानदेय भुगतान की मांग को लेकर रसोइया संगठन भी आंदोलित हैं। लिहाजा शासन ने बृहस्पतिवार को रसोइया मानदेय व कन्वर्जन कास्ट मद में पहली किस्त के तौर पर 4,06,94,002 रुपये जारी किए हैं।
एमडीएम के जिला समन्वयक ऋतुराज सिंह ने बताया कि इस ग्रांट से रसोइयों को तीन माह का मानदेय दिया जा सकेगा। दिवाली से पहले मानदेय रसोइयों के खातों में भेजने की तैयारी की जा रही है।
मानदेय के लिए रसोइयों ने डीएम कार्यालय पर किया प्रदर्शन
लखीमपुर खीरी। रसोइया जन कल्याण समिति के प्रांतीय अध्यक्ष कैलाश कुमार कश्यप की अगुवाई में रसोइयों ने बृहस्पतिवार को कलक्ट्रेट में डीएम कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया।
रसोइयों ने अप्रैल से सितंबर तक छह माह का बकाया मानदेय का जल्द भुगतान करने की मांग उठाई। रसोइयों ने मांग संबंधी ज्ञापन डीएम के माध्यम से एमडीएम निदेशक को भेजा है, जिसमें कहा है कि सभी रसोइया आर्थिक तंगी का सामना कर रहे हैं। दिवाली व भैया दूज से पहले मानदेय न मिला, तो सारे त्योहार काले हो जाएंगे। रसोइयों ने दिवाली से पहले छह माह का बकाया भुगतान देने की मांग की है। समय पर मानदेय भुगतान न होने पर आठ नवंबर से स्कूलों की रसोइघरों में ताले डालकर धरने पर बैठने की चेतावनी दी है।
पलियाकलां। बृहस्पतिवार को बड़ी संख्या में रसोइया तहसील पहुंचीं और एसडीएम को ज्ञापन देकर बकाया मानदेय भुगतान दिवाली से पहले दिलाने की मांग की है। इस दौरान सोनमती, मीरा देवी, पार्वती, धानमती, अमलावती मौजूद रहीं।