जर्जर सड़कों पर जलभराव और कीचड़ से दिक्कत
कीचड़ से होकर आने-जाने को विवश हैं राहगीर
बीते 24 घंटे से रुक-रुककर हो रही बूूंदाबादी
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। नगर की सड़कें जर्जर होने के साथ उन पर गड्ढे होने से बारिश का पानी भर जा रहा है। इससे सड़क पर जगह-जगह कीचड़ पसरा हुआ है। कई मोहल्लों में नगर की सड़कों की हालत बारिश के कारण और अधिक बदतर हो गई हैं। गड्ढों और कीचड़ से वाहन चालकों के साथ राहगीरों को भी आवागमन में काफी परेशानी हो रही है। सबसे अधिक समस्या बाईपास मार्ग पर देखने को मिल रही है। इधर से गुजरने वाले वाहन चालकों और राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इन जर्जर और गड्ढों भरी सड़कों पर जब कोई वाहन निकलता है, तो गड्ढों में भरा पानी छिटककर पैदल चलने वाले राहगीरों पर गिरता है। इससे विवाद की स्थिति उत्पन्न हो जा रही है। बाईपास रोड, कॉलेज रोड, जटहां रोड, दरबार रोड, गुदरी बाजार, बेलवा चुंगी रोड समेत कई सड़कें इस कदर खस्ताहाल हो गई हैं।
अस्पताल और बैंक रोड पर जलभराव
मथौली बाजार। स्थानीय मथौली बाजार में स्थित बड़ौदा यूपी बैंक, पशु चिकित्सालय और सीएचसी केंद्र जाने वाली सड़क क्षतिग्रस्त होने से बने गड्ढ़ों में बारिश का पानी भर गया है। इससे राहगीरों के अलावा अस्पताल जाने वाले मरीजों को भी परेशानी उठानी पड़ रही है। बाजार स्थित सीएचसी, पशु चिकित्सालय और बड़ौदा यूपी बैंक जाने वाली सड़क समय पर मरम्मत के अभाव में क्षतिग्रस्त हो गई है। इस पर बने गड्ढों में बुधवार से शुरू बारिश की वजह से पानी भर गया है। इससे लोगों के साथ अस्पताल में इलाज कराने जाने वाले मरीजों को परेशानी हो रही है। क्षेत्र के लोग अधिशासी अभियंता पीडब्ल्यूडी कसया के अलावा क्षेत्रीय विधायक रामकोला रामानंद बौद्घ से लोग मिलकर सड़क की मरम्मत और जलनिकासी के लिए नाली निर्माण की मांग कर चुके हैं। लेकिन आज तक समस्या का समाधान नहीं हुआ। क्षेत्र के अरविंद सिंह, बबलू सिंह, मंजीत यादव, नागेंद्र शर्मा, बैजनाथ यादव, अजीत शर्मा, विनय जायसवाल, नवरंग सिंह, डॉ. अमृत सिंह, उपेंद्र सिंह, हेमंत आदि ने सड़क के मरम्मत की मांग की है।
बारिश नहीं हुआ फसलों को नुकसान
पडरौना। बुधवार की सुबह करीब नौ बजे से जिले में रिमझिम बारिश शुरू हो गई। इससे बीते कई दिनों से उमस भरी गर्मी से परेशान लोगों को राहत मिली। हालांकि बृहस्पतिवार की सुबह तक रूक-रूककर बारिश होती है। इससे लोगों को जनजीवन अस्तव्यस्त बना रहा। मंगलवार को दिनभर और बुधवार की सुबह चली पछुआ हवा के कारण किसानों को फसलें गिरने की चिंता बनीं थी, लेकिन बारिश शुरू होते ही हवा की गति धीमी हो गई। इसके चलते बारिश से फसलों को कोई नुकसान नहीं पहुंचा। आपदा विशेषज्ञ रविप्रताप राय ने बताया कि बुधवार की सुबह करीब नौ बजे से लेकर बृहस्पतिवार की सुबह करीब नौ बजे से पूरे जिले में 8.47 एमएम बारिश दर्ज की गई। जबकि बीते वर्ष एक से 15 सितंबर तक 18.92 एमएम बारिश हुई थी। इस वर्ष एक सितंबर से 15 सितंबर तक 25.19 एमएम बारिश हुई। कृषि विज्ञान केंद्र की मौसम वैज्ञानिक श्रुति वी सिंह ने बताया कि बारिश के तत्काल बाद धूप होने से गन्ने की फसल को नुकसान हो सकता है। जिला कृषि अधिकारी प्यारेलाल ने बताया कि जिले में हल्की बारिश होने से फसलों को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। किसानों को अपनी फसलों की नियमित देखभाल करते रहना चाहिए।